
कौशांबी से एक ऐसी प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने साबित कर दिया कि सच्चे प्यार के आगे न समाज की दीवार मायने रखती है, न हालात की मुश्किलें मायने रखती है. यहां मंझनपुर के दुर्गा मंदिर में शिवरतन और सपना ने सात फेरे लेकर वो रिश्ता निभाया, जिसे घरवालों ने ठुकरा दिया था. कहानी सुनने में किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी लगती है, लेकिन ये हकीकत है, दरअसल मिर्जापुर के रहने वाले शिवरतन की शादी करीब डेढ़ साल पहले भिखियापुर की सपना से तय हुई थी. दोनों की बातचीत फोन पर चलती रहती थी, लेकिन जब लड़की के परिवारवालों ने लड़के की गर्दन पर दाग देखा, तो रिश्ता तोड़ दिया गया. सपना के घरवालों ने साफ कहा कि वे अब बेटी की शादी किसी और जगह करेंगे. मगर दोनों के बीच का रिश्ता इससे नहीं टूटा. दोनों का संपर्क बना रहा और प्यार गहराता गया. समाज और परिवार की बंदिशें इस जोड़े के हौसले के आगे टिक नहीं पाईं.
सपना बोली- मां-बाप मुझे बेचने की बात कर रहे थे
सपना ने जो आरोप लगाए, उसने सबको झकझोर दिया. सपना ने बताया कि मेरे माता-पिता अब मेरी शादी किसी और से करने की बात कर रहे थे, बल्कि कल मैंने सुना कि वो मुझे मुंबई में किसी से बेचने की बात कर रहे थे. ये सुनते ही मैं डर गई और आज सुबह घर से निकलकर सीधे शिवरतन के पास पहुंच गई.
मंदिर में सात फेरे, लोगों ने दी आशीर्वाद
दोनों ने सोमवार सुबह मंझनपुर स्थित दुर्गा मंदिर पहुंचकर सात फेरे लेकर शादी कर ली. मंदिर में मौजूद लोगों ने इस जोड़े को आशीर्वाद दिया और कहा कि इनका रिश्ता समाज के लिए मिसाल बनेगा. शिवरतन मेहनत-मजदूरी कर अपना और परिवार का पेट पालता है, वहीं सपना सातवीं तक पढ़ी है. दोनों ने कहा कि अब वे समाज के सामने यह साबित करेंगे कि प्यार जाति, पैसे या रूप-रंग से नहीं, भरोसे और सच्चाई से निभाया जाता है