अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के करीबी और भारत के लिए अमेरिकी राजदूत नामित सर्जियो गोर 9 जनवरी को भारत पहुंच गए हैं। ऐसे समय में उनकी एंट्री हुई है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार और टैरिफ को लेकर तनाव साफ नजर आ रहा है। भारत पहुंचते ही सर्जियो गोर ने सोशल मीडिया पर लिखा कि भारत वापस आकर बहुत अच्छा लग रहा है और दोनों देशों के लिए आगे कई बड़े मौके मौजूद हैं। उनके इस बयान को सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
कौन हैं सर्जियो गोर
सर्जियो गोर अमेरिका की राजनीति में एक प्रभावशाली नाम माने जाते हैं। वे लंबे समय तक व्हाइट हाउस में कार्मिक निदेशक के तौर पर काम कर चुके हैं और ट्रंप प्रशासन में उनकी मजबूत पकड़ रही है। अगस्त में ट्रंप ने उन्हें भारत के अगले अमेरिकी राजदूत के रूप में नामित किया था। अक्टूबर में अमेरिकी सीनेट से मंजूरी मिलने के बाद नवंबर में उन्होंने शपथ ली थी। अब भारत में उनकी सक्रिय भूमिका शुरू हो रही है।
भारत-अमेरिका रिश्तों की सबसे बड़ी चुनौती
गोर की भारत में तैनाती ऐसे वक्त में हुई है, जब दोनों देशों के रिश्ते आसान दौर में नहीं हैं। अमेरिका ने हाल ही में भारतीय निर्यात पर शुल्क बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया है। इसमें 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क भारत द्वारा रूसी कच्चे तेल की खरीद से जुड़ा हुआ है। इस फैसले के बाद व्यापार जगत में चिंता बढ़ गई है और द्विपक्षीय संबंधों में खटास साफ दिख रही है।
ये भी पढ़ें : PF निकालना अब झंझट नहीं, Mobile से एक क्लिक में आएगा पैसा
500 फीसदी टैरिफ की धमकी
स्थिति तब और गंभीर हो गई, जब अमेरिका में एक नया प्रस्ताव सामने आया। इस प्रस्ताव के तहत रूस से तेल और यूरेनियम जैसी ऊर्जा खरीदने वाले देशों पर 500 फीसदी तक टैरिफ लगाने की बात कही गई है। राष्ट्रपति ट्रंप ने इस प्रस्ताव को मंजूरी देने के संकेत दिए हैं। अगर ऐसा होता है, तो भारत के साथ-साथ चीन और ब्राजील जैसे देशों पर भी सीधा असर पड़ सकता है।
भारत के लिए क्यों अहम है यह दौरा
सर्जियो गोर की भारत में मौजूदगी को इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे वाशिंगटन और नई दिल्ली के बीच संवाद का रास्ता खोलेंगे। ट्रंप के करीबी होने के कारण उनके पास यह मौका है कि वे दोनों देशों के बीच बढ़े तनाव को कम करने की कोशिश करें। खासकर ऊर्जा आयात और टैरिफ जैसे संवेदनशील मुद्दों पर उनकी भूमिका निर्णायक हो सकती है।
आगे की रणनीति पर टिकी नजर
अब सबकी नजर इस बात पर है कि सर्जियो गोर भारत में किस तरह की रणनीति अपनाते हैं। क्या वे सख्त अमेरिकी रुख को आगे बढ़ाएंगे या फिर रिश्तों में संतुलन बनाने की कोशिश करेंगे। भारत और अमेरिका दोनों के लिए यह दौर अहम है, क्योंकि एक तरफ आर्थिक हित जुड़े हैं, तो दूसरी तरफ रणनीतिक साझेदारी भी। आने वाले दिनों में गोर की बातचीत और कदम तय करेंगे कि तनाव घटेगा या और बढ़ेगा।