डोनाल्ड ट्रंप 2 अप्रैल की सुबह 6:30 बजे बड़ा ऐलान करने वाले हैं और पूरी दुनिया की नजरें अब उनके इस संबोधन पर टिकी हैं। ईरान-इजरायल जंग अपने पांचवें हफ्ते में पहुंच चुकी है और इसका दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। खाड़ी देशों तक इसका असर फैल चुका है, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं। ऐसे में यह सवाल सबसे बड़ा है कि क्या ट्रंप का ऐलान जंग को थामेगा या तनाव को और बढ़ा देगा।
चीन-पाकिस्तान का 5 सूत्रीय शांति प्लान
इस बीच चीन और पाकिस्तान ने मिलकर 5 सूत्रीय सीजफायर प्लान पेश किया है। इस प्रस्ताव में बिना शर्त तुरंत युद्धविराम, सभी पक्षों को बातचीत की मेज पर लाना और सैन्य दबाव खत्म करने की बात कही गई है। इसके साथ ही नागरिकों और अहम ढांचे जैसे ऊर्जा प्लांट और परमाणु ठिकानों को सुरक्षित रखने पर भी जोर दिया गया है। यह प्रस्ताव पहली नजर में संतुलित दिखता है और एक कॉमन ग्राउंड तैयार करने की कोशिश करता है।
होरमुज बना सबसे बड़ा मुद्दा
इस प्लान का सबसे अहम हिस्सा स्ट्रेट ऑफ होरमुज से जुड़ा है। यह वही समुद्री रास्ता है, जिससे दुनिया की बड़ी ऊर्जा सप्लाई गुजरती है। प्रस्ताव में यहां जहाजों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की बात कही गई है, ताकि ग्लोबल तेल सप्लाई प्रभावित न हो। यही वजह है कि इस जंग को अब सिर्फ सैन्य नहीं, बल्कि ऊर्जा युद्ध भी माना जा रहा है।
ईरान की सख्त शर्तें
ईरान ने साफ कहा है कि किसी भी समझौते से पहले हमले और टारगेट किलिंग पूरी तरह बंद होने चाहिए। वह चाहता है कि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों, इसके लिए अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए। साथ ही युद्ध में हुए नुकसान की भरपाई और क्षेत्रीय शांति की मांग भी रखी गई है। होरमुज पर नियंत्रण को लेकर भी ईरान अपनी स्थिति मजबूत करना चाहता है।
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अमेरिका का कड़ा रुख
वहीं अमेरिका का रुख बेहद सख्त बना हुआ है। उसके प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को पूरी तरह खत्म करने, यूरेनियम संवर्धन रोकने और मिसाइल कार्यक्रम पर लगाम लगाने की मांग की गई है। इसके बदले में प्रतिबंधों में राहत की बात कही गई है, लेकिन ईरान इन शर्तों को एकतरफा बता चुका है।
क्या बनेगा कोई रास्ता?
फिलहाल स्थिति बेहद जटिल बनी हुई है। चीन-पाकिस्तान का प्लान बातचीत की शुरुआत का रास्ता जरूर दिखाता है, लेकिन भरोसे की कमी और कड़ी शर्तें सबसे बड़ी बाधा हैं। अब सबकी नजर ट्रंप के ऐलान पर है, जो तय कर सकता है कि जंग थमेगी या और भड़क जाएगी।