Birthright Citizenship Orders : अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता (Birthright Citizenship) से जुड़े नियमों को लेकर दो नए कार्यकारी आदेश जारी किए हैं। इन आदेशों का मकसद उन विदेशी नागरिकों पर सख्ती करना है, जो केवल बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका आते हैं। ट्रंप प्रशासन ने इसे 'बर्थ टूरिज्म' पर रोक लगाने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
किन लोगों पर पड़ेगा असर?
नए आदेश के तहत उन लोगों को निशाना बनाया गया है जो व्यावसायिक रूप से 'बर्थ टूरिज्म' को बढ़ावा देते हैं या बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के लिए अमेरिका की यात्रा करते हैं। इसके अलावा, सरकार ने उन लोगों की श्रेणी भी बढ़ाई है जिन्हें जन्म के आधार पर नागरिकता के लिए अयोग्य माना जा सकता है। इसमें विदेशी सरकारों की ओर से पैरवी (लॉबिंग) करने वाले विदेशी नागरिकों के बच्चों को भी शामिल किया गया है।
सुप्रीम कोर्ट पहले खारिज कर चुका था आदेश
इससे पहले 30 जून को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ट्रंप के उस आदेश को खारिज कर चुका था, जिसमें जन्म के आधार पर नागरिकता समाप्त करने की कोशिश की गई थी। कोर्ट ने कहा था कि 100 साल से अधिक समय से लागू संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी लोगों को अमेरिकी नागरिकता मिलती है। ट्रंप ने नए आदेश जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट के फैसले की आलोचना की और कहा कि मौजूदा व्यवस्था में बदलाव जरूरी है।
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क्या है 14वें संशोधन का प्रावधान?
अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन, जिसे 9 जुलाई 1868 को लागू किया गया था, के तहत अमेरिका में जन्म लेने या कानूनी रूप से नागरिकता प्राप्त करने वाले सभी व्यक्तियों को अमेरिकी नागरिक माना जाता है। ट्रंप का कहना है कि यह प्रावधान गृहयुद्ध के बाद पूर्व दासों के बच्चों को नागरिकता देने के लिए बनाया गया था, लेकिन अब इसका दुरुपयोग किया जा रहा है।
ट्रंप प्रशासन का क्या तर्क है?
ट्रंप प्रशासन का दावा है कि कई लोग पर्यटक बनकर अमेरिका आते हैं, जबकि उनका वास्तविक उद्देश्य बच्चे को जन्म देकर उसे स्वतः अमेरिकी नागरिक बनवाना होता है। ट्रंप के आप्रवासन मामलों के प्रमुख रणनीतिकार स्टीफन मिलर ने भी कहा कि 'बर्थ टूरिज्म' एक बढ़ता हुआ कारोबार बन चुका है और इसे रोकने के लिए नियमों में बदलाव जरूरी है। फिलहाल यह देखना होगा कि नए कार्यकारी आदेश कानूनी चुनौती का सामना कैसे करते हैं और अदालतें इन पर क्या फैसला देती हैं।