एशिया में बढ़ते तनाव के बीच सोमवार को एक अहम कूटनीतिक हलचल सामने आई है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को फोन पर कॉल किया। यह कॉल ऐसे वक्त पर हुई है, जब ताइवान के आसपास के हालात बेहद संवेदनशील हैं। चीन–जापान के बीच खुला तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है।
कूटनीतिक मोर्चा खोलने पर मजबूर कर दिया
चीनी सरकारी मीडिया रिपोर्ट में सामने आया है कि फोन कॉल के आसपास तुरंत सवाल उठने लगे कि क्या ताइवान के आसपास बढ़ते तनाव गया है। जापान की मिसाइल तैनाती और चीन की सख्त प्रतिक्रिया ने बीजिंग को कूटनीतिक मोर्चा खोलने पर मजबूर कर दिया है।
रिपोर्ट के अनुसार, चीन और अमेरिका ने कभी दूसरे विश्व युद्ध में एक साथ मिलकर लड़ाई लड़ी थी। उस समय ताइवान का चीन में शामिल होना अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था का खास हिस्सा है। व्हाइट हाउस के एक अधिकारी ने पुष्टि की कि ट्रंप और शी ने फोन पर बातचीत की। मगर किसी तरह की जानकारी नहीं दी।
सरकार बीजिंग के दावे को किया खारिज
चीन ताइवान को अपने क्षेत्र में मानता है। उस पर नियंत्रण को लेकर बल प्रयोग की संभावना से भी चूकता नहीं है। हालांकि ताइवान की सरकार बीजिंग के दावे को खारिज करती है और कहती है कि अपने भविष्य का फैसला केवल ताइवान के लोग ही करेंगे. इधर, जापान के साथ चीन के रिश्ते इन दिनों गंभीर संकट में हैं. जापानी प्रधानमंत्री साने टाकाइची ने हाल ही में कहा था कि अगर चीन ताइवान पर हमला करता है तो जापान सैन्य प्रतिक्रिया दे सकता है। इस बयान के बाद दोनों देशों के बीच तनाव बढ़ गया.