अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का दावा है कि अमेरिका के हमलों से ईरान की हालत खराब हो चुकी है। उसकी सेना को भारी नुकसान हुआ है। उन्होंने यह बातें फ्लोरिडा के मियामी में अपने गोल्फ रिजॉर्ट में लैटिन अमेरिकी देशों के नेताओं सेे बातचीत के दौरान कही।
42 नौसैनिक जहाज नष्ट कर दिए गए
कार्यक्रम के वक्र्त ट्रंप ने कहा कि हाल के हमलों में ईरान के 42 नौसैनिक जहाज नष्ट कर दिए गए। ट्रंप के मुताबिक इन हमलों में ईरान की नौसेना, वायुसेना और संचार सिस्टम को काफी नुकसान पहुंचा है। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी हमलों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम से जुड़े ठिकानों को भी निशाना बनाया गया। ट्रंप के अनुसार, ईरान परमाणु हथियार बनाने के करीब पहुंच गया था।
ईरान के 16 विमान तबाह कर दिए हैं
इस दौरान अपने रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ की जमकर तरफ की। उन्होंने कहा, “पीट, आप शानदार हैं। आप बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। मुझे आप पर गर्व है।” इस बीच इजरायल ने भी दावा किया है कि उसने ईरान के 16 विमान तबाह कर दिए हैं। इजरायली सेना ने दावा किया कि ये विमान आईआरजीसी कुद्स फोर्स के थे। यह ईरानी सेना की वह यूनिट है जो देश के बाहर सैन्य ऑपरेशन करती है।
मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी टारगेट किया
इजरायली सेना ने कहा कि उसकी एयरफोर्स ने राजधानी तेहरान में कई जगहों पर रात में बड़े हमले किए। इन हमलों में मेहराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को भी टारगेट किया गया। इस बीच, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने सोशल मीडिया पोस्ट की एक श्रृंखला में नया बयान जारी करते हुए दोहराया कि तेहरान ने “अपने दोस्त और पड़ोसी देशों पर हमला नहीं किया है, बल्कि इस इलाके में अमेरिकी मिलिट्री बेस, जगहों और केंद्रों को निशाना बनाया है।
खाड़ी देशों से माफी मांगी थी
यह टीवी पर प्रसारित उस वीडियो संदेश के बाद आया है जिसमें उन्होंने पड़ोसी खाड़ी देशों से माफी मांगी थी और कहा था कि ईरान की अंतरिम लीडरशिप काउंसिल ने उनके खिलाफ हमले या मिसाइल हमले रोकने की मंजूरी दे दी है, जब तक कि ईरान के खिलाफ हमला उन देशों से न हो।