पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच बड़ा कूटनीतिक संकेत सामने आया है। Donald Trump ने तेहरान में ग्राउंड ऐक्शन की चेतावनी दी है, वहीं भारत की धरती से ईरान ने जंग रोकने का प्रस्ताव रखा है। Tehran और अमेरिकी ठिकानों पर हमलों के बीच हालात बेहद नाजुक हैं। ईरान ने साफ किया है—इज्जत के साथ बातचीत और सुरक्षा की गारंटी मिले तो रास्ता निकल सकता है।
भारत से सुलह का ऑफर, लेकिन शर्तों के साथ
दिल्ली में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के प्रतिनिधि डॉ. अब्दुल मजीद हकीम इलाही ने कहा कि ईरान जंग रोकने और बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन यह बातचीत “इज्जत के साथ” होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ईरान पर कोई हुक्म थोपने की कोशिश स्वीकार नहीं होगी। साथ ही मांग रखी कि अमेरिका भविष्य में हमले न करने की ठोस गारंटी दे और लगाए गए प्रतिबंध हटाए जाएं, तभी वार्ता आगे बढ़ सकती है।
ट्रंप का कड़ा रुख, ग्राउंड ऐक्शन का संकेत
ईरानी हमलों के बीच Donald Trump ने कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि अमेरिका ग्राउंड ऐक्शन से भी पीछे नहीं हटेगा। इसे तेहरान में अमेरिकी सेना उतारने के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है। हालांकि अमेरिका ने औपचारिक रूप से युद्ध की घोषणा नहीं की है और इसे “ऑपरेशन” करार दिया है, लेकिन हालात लगातार बिगड़ रहे हैं।
‘शहादत’ के बाद ईरान में एकजुटता का दावा
ईरानी प्रतिनिधि ने कहा कि Ali Khamenei की शहादत बड़ा नुकसान है, लेकिन देश इस समय एकजुट है। उनके मुताबिक, हमलों के बाद जनता सड़कों पर उतरकर सरकार और सेना के समर्थन में खड़ी है। ईरान का दावा है कि वह केवल आत्मरक्षा कर रहा है और अपने अधिकार की लड़ाई लड़ रहा है।
पड़ोसी देशों पर हमलों को लेकर सफाई
बहरीन, यूएई और कतर पर हमलों के सवाल पर ईरान ने कहा कि उसने सीधे तौर पर पड़ोसियों को निशाना नहीं बनाया। आरोप है कि पर्शियन गल्फ क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी बेस से ईरान पर हमले हुए, इसलिए जवाबी कार्रवाई उन्हीं ठिकानों पर की गई। ईरान का कहना है कि उसने अरब देशों को पहले ही भरोसा दिलाया था कि उनका लक्ष्य वे देश नहीं, बल्कि अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं।
बढ़ता नुकसान और वैश्विक असर
अब तक बमबारी में 1000 से ज्यादा ईरानियों की मौत का दावा है, जबकि जवाबी हमलों में 6 अमेरिकियों के मारे जाने की खबर है। लगातार हमलों से पश्चिम एशिया के कई देश तनाव की जद में हैं। अगर हालात नहीं सुधरे तो वैश्विक तेल बाजार पर असर पड़ सकता है और कीमतों में उछाल आ सकता है।