अमेरिका और ईरान के बीच तनाव एक बार फिर चर्चा में है। भले ही हाल के दिनों में यह माना जा रहा था कि हालात कुछ शांत हो रहे हैं, लेकिन अब बयानबाजी ने माहौल दोबारा गरमा दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को लेकर बेहद सख्त रुख दिखाया है। कुछ समय पहले ट्रंप ने ईरान पर सीधे हमले की योजना टाल दी थी, लेकिन अब उन्होंने ऐसे शब्दों में चेतावनी दी है, जिससे अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
ट्रंप ने क्यों बदला अपना रुख
दरअसल हाल ही में ईरान सरकार की ओर से यह संकेत दिया गया था कि देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों के दौरान प्रदर्शनकारियों को फांसी नहीं दी जाएगी। इसी आश्वासन के बाद ट्रंप ने ईरान पर सैन्य कार्रवाई फिलहाल रोक दी थी। माना गया कि दोनों देशों के बीच तनाव कम हो सकता है। लेकिन यह राहत ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी और ट्रंप के नए बयान ने पूरी तस्वीर बदल दी।
“अगर मुझे मारने की कोशिश हुई तो…”
एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने ईरान को सीधी धमकी देते हुए कहा कि अगर उनकी हत्या की कोशिश की गई, तो ईरान को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। ट्रंप ने कहा कि ऐसी स्थिति में ईरान को धरती से मिटाने से कोई नहीं रोक पाएगा। उनके इस बयान को अब तक की सबसे कड़ी चेतावनियों में से एक माना जा रहा है। ट्रंप पहले भी दावा कर चुके हैं कि ईरान की ओर से उन्हें नुकसान पहुंचाने की साजिश रची जा चुकी है, हालांकि ईरान ने कभी इसे सार्वजनिक रूप से स्वीकार नहीं किया।
ईरान के मीडिया की धमकी से बढ़ा तनाव
इस पूरे विवाद को और हवा तब मिली जब ईरान के सरकारी टीवी चैनल पर कुछ दिन पहले ट्रंप के खिलाफ धमकी भरा संदेश दिखाया गया। इस संदेश में ट्रंप पर हुए पुराने हमले की तस्वीर दिखाते हुए लिखा गया कि अगली बार निशाना चूकेगा नहीं। इस प्रसारण के बाद अमेरिका की खुफिया एजेंसियों ने भी आशंका जताई कि भविष्य में ट्रंप को निशाना बनाया जा सकता है।
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युद्ध की चेतावनी और सत्ता परिवर्तन की बात
ईरान की तरफ से सिर्फ धमकी ही नहीं बल्कि युद्ध की चेतावनी भी दी जा चुकी है। ईरान को यह डर है कि अमेरिका वहां सत्ता परिवर्तन की कोशिश कर सकता है। ट्रंप पहले ही कह चुके हैं कि ईरान में बदलाव जरूरी है। वहीं ईरान के सैन्य अधिकारियों ने साफ कहा है कि अगर उनके सर्वोच्च नेता अली खामेनेई पर हमला हुआ, तो अमेरिका के खिलाफ सीधी कार्रवाई की जाएगी।
क्या हालात और बिगड़ेंगे
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या ये बयानबाजी सिर्फ शब्दों तक सीमित रहेगी या फिर अमेरिका और ईरान आमने-सामने आ सकते हैं। दोनों देशों की धमकियों से साफ है कि हालात बेहद नाजुक हैं। दुनिया की नजर अब इस पर टिकी है कि आने वाले दिनों में कोई बड़ा फैसला होता है या कूटनीति एक बार फिर टकराव को टालने में कामयाब रहती है।