मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump की 48 घंटे वाली धमकी ने हालात और गंभीर कर दिए हैं। ईरान को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोलने का अल्टीमेटम देने के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता बढ़ गई है। इस बीच Mohamed ElBaradei ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए वैश्विक ताकतों से हस्तक्षेप की अपील की है, जिससे इस टकराव को रोका जा सके।
ट्रंप का अल्टीमेटम: 48 घंटे में फैसला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को साफ चेतावनी दी है कि वह 48 घंटे के भीतर स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से सभी प्रतिबंध हटाए। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो ईरान को गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने अपने सोशल प्लेटफॉर्म पर यह भी कहा कि समय सीमा खत्म होते ही ‘कयामत जैसी कार्रवाई’ की जाएगी। इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है।
अलबरदेई की अपील: “क्षेत्र को आग में मत झोंको”
IAEA के पूर्व महानिदेशक मोहम्मद अलबरदेई ने ट्रंप की इस धमकी पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए कहा कि “इस पागल इंसान को रोका जाए, इससे पहले कि पूरा क्षेत्र युद्ध की आग में जल उठे।” उन्होंने खाड़ी देशों और संयुक्त राष्ट्र से तुरंत हस्तक्षेप करने की अपील की है।
वैश्विक नेताओं को टैग कर उठाए सवाल
अलबरदेई ने सिर्फ अपील ही नहीं की, बल्कि अंतरराष्ट्रीय नेताओं को सीधे सवालों के घेरे में भी खड़ा किया। उन्होंने Antonio Guterres, चीन, रूस और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron को टैग करते हुए पूछा कि “क्या इस पागलपन को रोकने के लिए कुछ नहीं किया जा सकता?” इस पोस्ट ने वैश्विक मंच पर बहस को और तेज कर दिया है।
37वें दिन में पहुंची जंग, हमले जारी
ईरान-अमेरिका-इजरायल के बीच चल रहा टकराव अब 37वें दिन में प्रवेश कर चुका है। तीनों देशों के बीच लगातार हमले हो रहे हैं। अमेरिका और इजरायल जहां ईरान के कई ठिकानों को निशाना बना रहे हैं, वहीं ईरान भी जवाबी कार्रवाई में पीछे नहीं है। हाल ही में ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड ने दावा किया कि उसने अमेरिकी मिशन से जुड़े एक एयरक्राफ्ट को मार गिराया है।
बढ़ता संकट: दुनिया के लिए खतरे की घंटी
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह तनाव और बढ़ा तो इसका असर सिर्फ मध्य पूर्व तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पर पड़ेगा। स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक तेल सप्लाई का अहम मार्ग है, ऐसे में यहां किसी भी तरह का संकट वैश्विक संकट में बदल सकता है। फिलहाल पूरी दुनिया की नजर इस टकराव और आने वाले 48 घंटों पर टिकी है।