Trump Iran Warning : मिडिल ईस्ट में तनाव कम होने के बजाय फिर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को लेकर सख्त बयान दिया है। ट्रंप ने कहा कि ईरान आर्थिक रूप से कमजोर स्थिति में है और उसके पास पर्याप्त संसाधन नहीं हैं। उनके इस बयान के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई चर्चा शुरू हो गई है।
खुद को बताया ‘ईरान का बैंकर’
एक इंटरव्यू के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान की कई संपत्तियों पर अमेरिका का नियंत्रण है। उन्होंने दावा किया कि ईरान आर्थिक संकट से जूझ रहा है और उसके वित्तीय संसाधनों पर अमेरिकी दबाव बना हुआ है। ट्रंप ने यहां तक कहा कि वह ईरान के “बैंकर” की तरह हैं क्योंकि उसके कई फंड अमेरिकी नियंत्रण में हैं।
बातचीत पर भी जताया अविश्वास
ट्रंप ने ईरान के साथ चल रही बातचीत को लेकर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि वार्ता में शामिल लोग बेहद चालाक हैं और बातचीत को अपने हित में मोड़ने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने संकेत दिया कि अमेरिका अब भी ईरान को लेकर पूरी तरह सतर्क है।
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दो विकल्पों का जिक्र
अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि ईरान को लेकर अमेरिका के सामने दो रास्ते हैं। पहला, मौजूदा आर्थिक दबाव और प्रतिबंधों की नीति जारी रखी जाए। दूसरा, जरूरत पड़ने पर और कड़ा कदम उठाया जा सकता है। हालांकि उन्होंने किसी संभावित कार्रवाई का स्पष्ट विवरण नहीं दिया।
कच्चे तेल में आया उछाल
ट्रंप के बयान का असर अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड की कीमत 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गई, जबकि डब्ल्यूटीआई क्रूड में भी तेजी दर्ज की गई। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अमेरिका-ईरान तनाव और बढ़ता है तो तेल की कीमतों में और उछाल आ सकता है।
दुनिया की नजर अगली चाल पर
फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होगा या फिर हालात और बिगड़ेंगे। ट्रंप के ताजा बयान के बाद वैश्विक बाजार, तेल कारोबार और कूटनीतिक हलकों की नजर दोनों देशों की अगली रणनीति पर टिकी हुई है।