अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को अपने प्रमुख पश्चिमी सहयोगी देशों फ्रांस और यूनाइटेड किंगडम पर तीखा हमला बोला। उन्होंने इन देशों पर ईरान के खिलाफ वॉशिंगटन की कार्रवाई का समर्थन न करने का आरोप लगाया और चेतावनी दी कि भविष्य के संकटों में अमेरिका उनकी मदद के लिए मौजूद नहीं रहेगा।
यूनाइटेड किंगडम के रुख पर निशाना साधा
फ्रांस की आलोचना करते हुए कहा कि उसने इजरायल जा रहे और सैन्य साजो-सामान से लदे अमेरिकी विमानों को अपने क्षेत्र से उड़ने की अनुमति नहीं दी। साथ ही उन्होंने ईरान संघर्ष पर यूनाइटेड किंगडम के रुख को लेकर भी उस पर निशाना साधा।
ईरान के मामले में बिल्कुल भी मदद नहीं की
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पोस्ट में लिखा, फ्रांस देश ने इजरायल जा रहे उन विमानों को अपने क्षेत्र से उड़ने नहीं दिया, जो सैन्य साजो-सामान से लदे हुए थे। फ्रांस ने ईरान के मामले में बिल्कुल भी मदद नहीं की, जिसे हमने सफलतापूर्वक खत्म कर दिया है। अमेरिका इस बात को हमेशा याद रखेगा।
उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला
ये टिप्पणियां नाटो के पुराने सहयोगी देशों के प्रति ट्रंप के तेवरों में आई एक बड़ी तल्खी को दर्शाती हैं। वॉशिंगटन इस बात से नाराज है कि ईरान के खिलाफ उसके अभियानों में यूरोपीय देशों से उसे उम्मीद के मुताबिक समर्थन नहीं मिला है।
अत्यंत महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है
ट्रंप ने उन देशों को भी एक कड़ा संदेश दिया, जिनकी ऊर्जा आपूर्ति होर्मुज स्ट्रेट में तनाव के कारण बाधित हुई है। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया का एक अत्यंत महत्वपूर्ण तेल परिवहन मार्ग है। उन्होंने कहा कि वे सभी देश जिनको होर्मुज स्ट्रेट की वजह से जेट ईंधन नहीं मिल पा रहा है, उनके लिए मेरे पास सुझाव है। अमेरिका से खरीदें, हमारे पास इसकी कोई कमी नहीं है। या फिर थोड़ी हिम्मत जुटाएं, होर्मुज स्ट्रेट तक जाएं।