अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने प्रशासन में एक बड़ा बदलाव करते हुए स्टीफन मिलर को व्हाइट हाउस का नया चीफ ऑफ स्टाफ नियुक्त किया है। मिलर मौजूदा चीफ ऑफ स्टाफ सूसी वाइल्स की जगह लेंगे। वह फिलहाल व्हाइट हाउस में डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। आव्रजन नीति के प्रमुख रणनीतिकार माने जाने वाले मिलर की इस नियुक्ति को ट्रंप प्रशासन के भीतर उनकी बढ़ती ताकत और सख्त नीतिगत रुख के संकेत के तौर पर देखा जा रहा है।
व्हाइट हाउस के 33वें चीफ ऑफ स्टाफ होंगे
ट्रंप ने शुक्रवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर इस नियुक्ति की घोषणा की। उन्होंने मिलर को अपना भरोसेमंद सहयोगी और सबसे प्रभावशाली सलाहकारों में से एक बताते हुए कहा कि वह व्हाइट हाउस के 33वें चीफ ऑफ स्टाफ होंगे। राष्ट्रपति ने उनके काम और प्रशासन के प्रति प्रतिबद्धता की सराहना भी की।
वहीं, ट्रंप ने सूसी वाइल्स के कार्यकाल को भी सफल बताया। उन्होंने कहा कि वाइल्स ने चीफ ऑफ स्टाफ के तौर पर शानदार काम किया है और इसके लिए वह उनके आभारी हैं। हालांकि, राष्ट्रपति ने यह जानकारी नहीं दी कि वाइल्स को आगे प्रशासन या अपने राजनीतिक संगठन में कौन-सी जिम्मेदारी दी जाएगी।
आव्रजन नीति के सबसे बड़े रणनीतिकारों में शामिल हैं मिलर
स्टीफन मिलर की नियुक्ति को ट्रंप प्रशासन की घरेलू नीतियों, खासकर आव्रजन के मोर्चे पर बेहद अहम माना जा रहा है। मिलर लंबे समय से ट्रंप के करीबी सहयोगियों में शामिल हैं। वह राष्ट्रपति की सख्त आव्रजन नीति तैयार करने और उसे लागू कराने की रणनीति बनाने में प्रमुख भूमिका निभाते रहे हैं।
दोनों ट्रंप प्रशासनों में वरिष्ठ पदों पर काम कर चुके मिलर को अमेरिकी आव्रजन व्यवस्था में सख्त बदलावों का समर्थक माना जाता है। परिवारों को अलग करने, आव्रजन छापेमारी और अवैध प्रवासियों की गिरफ्तारी के लिए लक्ष्य निर्धारित करने जैसी नीतियों को लेकर भी वह लगातार चर्चा में रहे हैं।
चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में उनकी भूमिका पहले से कहीं ज्यादा महत्वपूर्ण हो जाएगी। इस पद पर रहते हुए उन्हें व्हाइट हाउस के रोजमर्रा के कामकाज की निगरानी करने, राष्ट्रपति के कार्यक्रमों और नीतिगत प्राथमिकताओं का समन्वय करने तथा वरिष्ठ अधिकारियों के बीच तालमेल बनाए रखने की जिम्मेदारी निभानी होगी। इसके अलावा, राष्ट्रपति तक प्रशासन के अधिकारियों और सलाहकारों की पहुंच को व्यवस्थित करने में भी उनकी अहम भूमिका होगी।
डेमोक्रेटिक पार्टी ने जताई नाराजगी
मिलर की नियुक्ति को लेकर डेमोक्रेटिक पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कैलिफोर्निया के डेमोक्रेटिक सीनेटर एलेक्स पाडिला ने कहा कि ट्रंप ने मिलर को इस महत्वपूर्ण पद पर नियुक्त करके साफ संकेत दिया है कि उनका प्रशासन आव्रजन नीति को और आक्रामक तरीके से आगे बढ़ाना चाहता है।
संघीय फंडिंग से जुड़े अधिकार शामिल
पाडिला ने कहा कि अगर ट्रंप प्रशासन अपने रुख पर और सख्त होता है तो डेमोक्रेट भी पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने संकेत दिया कि उनकी पार्टी प्रशासन की नीतियों पर नजर रखने के लिए संसदीय अधिकारों का इस्तेमाल करेगी। इसमें निगरानी, जांच, समन जारी करने और संघीय फंडिंग से जुड़े अधिकार शामिल हैं।
उन्होंने मिलर पर ऐसी नीतियां तैयार करने का आरोप लगाया, जिनके कारण आव्रजन छापेमारी और गिरफ्तारियों को बढ़ावा मिला। पाडिला के मुताबिक, इन अभियानों का असर कैलिफोर्निया के कई इलाकों में देखने को मिला है। स्कूलों और कार्यस्थलों तक में लोगों के बीच डर का माहौल बना है।
जेडी वेंस और रुबियो ने किया फैसले का समर्थन
दूसरी ओर, ट्रंप प्रशासन के वरिष्ठ नेताओं ने मिलर की नियुक्ति का स्वागत किया है। उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने उन्हें देशभक्त बताते हुए कहा कि वह इस नई जिम्मेदारी के लिए उपयुक्त व्यक्ति हैं। उन्होंने सूसी वाइल्स के योगदान की भी सराहना की।
विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी वाइल्स के नेतृत्व की तारीफ की। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के एजेंडे को आगे बढ़ाने के लिए वह मिलर के साथ काम करने को उत्सुक हैं।
एफबीआई निदेशक काश पटेल ने कहा कि वह पहले ट्रंप प्रशासन के समय से ही मिलर को जानते हैं। उन्होंने मिलर की प्रतिबद्धता पर भरोसा जताते हुए उम्मीद जताई कि वह राष्ट्रपति की टीम का प्रभावी नेतृत्व करेंगे।