मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच भारत और अमेरिका के बीच उच्चस्तरीय कूटनीतिक संवाद तेज हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और प्रधानमंत्री Narendra Modi के बीच हुई ताजा फोन वार्ता ने वैश्विक चिंता के मुद्दों को केंद्र में ला दिया है। खासकर ईरान युद्ध और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की स्थिति पर दोनों नेताओं ने गंभीर चर्चा करते हुए इसे खुला रखने की जरूरत पर जोर दिया।
मिडिल ईस्ट संकट पर उच्चस्तरीय चर्चा
मध्य-पूर्व में बढ़ते संघर्ष के बीच दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति का आकलन किया। Donald Trump और Narendra Modi के बीच बातचीत में युद्ध के प्रभाव और इसके वैश्विक परिणामों पर विशेष ध्यान दिया गया। यह संवाद ऐसे समय हुआ है जब हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं।
होर्मुज जलडमरूमध्य बना सबसे बड़ा मुद्दा
Strait of Hormuz से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है। दोनों नेताओं ने इसे हर हाल में खुला रखने पर सहमति जताई।
भारत की कूटनीतिक सक्रियता बढ़ी
प्रधानमंत्री Narendra Modi लगातार मिडिल ईस्ट के नेताओं से संपर्क मंइ हैं। इससे पहले वे Masoud Pezeshkian और Benjamin Netanyahu सहित कई देशों के नेताओं से बातचीत कर चुके हैं। भारत संतुलित और शांति-आधारित नीति पर आगे बढ़ रहा है।
संवाद और शांति पर भारत का जोर
भारत ने स्पष्ट किया है कि किसी भी विवाद का समाधान युद्ध नहीं बल्कि संवाद के जरिए होना चाहिए। प्रधानमंत्री Narendra Modi पहले भी वैश्विक मंचों पर शांति और स्थिरता की अपील कर चुके हैं। इस बातचीत में भी यही रुख सामने आया।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है असर
अगर Strait of Hormuz बाधित होता है, तो तेल की कीमतों में उछाल और सप्लाई चेन पर बड़ा असर पड़ सकता है। ऐसे में भारत सहित कई देश सतर्क हो गए हैं और स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।