भारत और अमेरिका के बीच बढ़ती नजदीकियों ने पाकिस्तान की बेचैनी साफ दिखा दी है। अमेरिका के साथ भारत की बड़ी ट्रेड डील फाइनल होने और भारतीय सामानों पर टैरिफ कम होने के बाद इस मुद्दे पर पाकिस्तान में खुलकर चर्चा शुरू हो गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपना जिगरी दोस्त बताया, जिसने पाकिस्तान के रणनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। भारत पर टैरिफ 50 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत हो गया, जबकि पाकिस्तान पर 19 प्रतिशत टैरिफ लागू है।
ट्रंप के बयान पर पाक एक्सपर्ट की तीखी प्रतिक्रिया
पाकिस्तान के जाने माने रणनीतिक विश्लेषक कमर चीमा ने ट्रंप के बयान पर चुटकी लेते हुए कहा कि यह पूरा घटनाक्रम बहुत ही इंटरेस्टिंग है। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पीएम मोदी को करीबी दोस्त बताया और भारत के अमेरिका व वेनेजुएला से तेल खरीदने की बात भी कही। इससे साफ है कि अमेरिका भारत के साथ रिश्तों को और मजबूत करना चाहता है।
500 बिलियन डॉलर की डील पर उठे सवाल
कमर चीमा ने यह भी कहा कि ट्रंप के मुताबिक भारत अमेरिका से 500 अरब डॉलर की एनर्जी और टेक्नोलॉजी से जुड़ी चीजें खरीदेगा, लेकिन यह जरूरी नहीं कि भारत हर चीज खरीदे। उन्होंने कहा कि भारत अपनी जरूरत और रणनीति के हिसाब से ही सौदे करता है। भारत न तो हर अमेरिकी रक्षा उत्पाद लेने को तैयार होता है और न ही ऐसे सौदों में फंसना चाहता है, जिनमें डिलीवरी और भरोसे का संकट हो।
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भारत की रणनीति और विकल्प खुले
पाक एक्सपर्ट का मानना है कि भारत के पास अब कई विकल्प खुले हैं। भारत पहले ही यूरोपियन यूनियन के 27 देशों के साथ फ्री ट्रेड एग्रीमेंट कर चुका है। ऐसे में अमेरिका यह नहीं चाहता कि इतनी बड़ी भारतीय मार्केट उसके हाथ से निकल जाए। इसी वजह से ट्रंप प्रशासन भारत के साथ रिश्तों को नई ऊंचाई पर ले जाने की कोशिश कर रहा है।
वेस्टर्न देशों का दबाव और अमेरिका की सोच
कमर चीमा के मुताबिक पश्चिमी मीडिया में यह चर्चा है कि भारत ने हाल के वर्षों में कई बड़ी डील कर ली हैं, जबकि अमेरिका पीछे रह गया। यूरोपियन यूनियन के साथ भारत की नजदीकी ने भी अमेरिका को सोचने पर मजबूर किया कि अगर उसने देर की तो वह भारत जैसे बड़े बाजार से बाहर हो सकता है। इसी दबाव में अमेरिका ने भारत के साथ ट्रेड डील को आगे बढ़ाया।
पाकिस्तान के लिए बढ़ी चिंता
इस पूरे घटनाक्रम से पाकिस्तान की चिंता इसलिए भी बढ़ गई है क्योंकि भारत को अमेरिका से आर्थिक और कूटनीतिक फायदा मिलता दिख रहा है। ट्रंप और मोदी की दोस्ती के खुले बयान ने यह संदेश दे दिया है कि आने वाले समय में भारत अमेरिका रिश्ते और मजबूत हो सकते हैं। यही वजह है कि पाकिस्तान में इस मुद्दे पर बहस तेज हो गई है और एक्सपर्ट्स इसे अपने लिए बड़ा रणनीतिक झटका मान रहे हैं।