
संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) को संबोधित करते समय एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपनी पीट थपथपाई। उन्होंने दाव किया कि विश्व की सात जंगों को रुकवाने में उनकी अहम भूमिका रही है। संबोधन में उन्होंने ऑपरेशन मिडनाइट हैम को सही और फिलिस्तीन को मान्यता दिए जाने गलत बताया।
नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाना चाहिए
अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, उन्होंने 7 जंग रुकवाईं। ऐसा दावा किया कि उन्होंने कंबोडिया और थाईलैंड, कोसोवो और सर्बिया, कांगो और रवांडा, पाकिस्तान और भारत, इजराइल और ईरान, मिस्र और इथियोपिया, आर्मेनिया और अजरबैजान जंग को खत्म किया। ट्रंप के अनुसार, हर कोई कहता है कि उन्हें इन कामयाबियों के लिए नोबेल शांति पुरस्कार दिया जाना चाहिए। मगर उनके लिए असली पुरस्कार यह है कि लाखों लोग अब जंग में नहीं मारे जा रहे हैं। उन्होंने कहा, “मुझे इनाम की नहीं, बल्कि जान बचाने की परवाह है।”
2020 में आखिरी बार राष्ट्रपति रहते संबोधित किया
डोनाल्ड ट्रंप ने भाषण की शुरुआत अपने कार्यकाल के पहले आठ माह की सबसे बड़ी उपलब्धियां बताया। उन्होंने कई कारण गिनाए कि क्यों उन्हें लगता है कि अमेरिका अपने स्वर्णिम युग में जा रहा है। ट्रंप ने अपनी विदेश नीति से जुड़े किसी भी काम सहायता न करने के लिए संगठन की आलोचना की। अपने दूसरे कार्यकाल में पहली बार संयुक्त राष्ट्र महासभा को संबोधित कर रहे हैं। इस दौरान 2020 में आखिरी बार राष्ट्रपति रहते संबोधित किया था। ईरान के 12 दिनों के युद्ध का उन्होंने जिक्र करते हुए कहा कि वहां हमने ऑपरेशन मिडनाइट हैमर के जरिए ईरानी परमाणु संयंत्रों को तबाह कर दिया। उनका मानना है कि किसी भी खतरनाक देश के पास परमाणु हथियार होना दुनिया के लिए घातक है।