अलास्का में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की मुलाकात करीब तीन घंटे चली, लेकिन कोई बड़ा समझौता नहीं हो सका। रूस-यूक्रेन युद्धविराम पर सहमति बनने की उम्मीदें टूट गईं। इस वार्ता के नतीजों से भारत के सामने मुश्किलें बढ़ गई हैं। रूस से सस्ते तेल की खरीद को लेकर पहले से ही अमेरिका नाराज है और अब भारत पर 25% टैरिफ लागू हो चुका है। आने वाले समय में यह दबाव और बढ़ सकता है।
मुलाकात में नहीं बनी सहमति
तीन घंटे चली इस वार्ता में रूस-यूक्रेन युद्ध पर शांति का कोई ठोस रास्ता नहीं निकल पाया। ट्रंप ने कहा कि प्रगति जरूर हुई है, लेकिन "हम वहां तक नहीं पहुंचे।" पुतिन ने संघर्ष खत्म करने की इच्छा जताई, लेकिन “मूल कारण” दूर करने पर जोर दिया।
भारत पर पड़ा असर
भारत उम्मीद कर रहा था कि मुलाकात से सकारात्मक परिणाम निकलेंगे और अमेरिका के अतिरिक्त टैरिफ का दबाव कम होगा। लेकिन वार्ता बेनतीजा रहने से भारत और अमेरिका के बीच चल रही ट्रेड डील पर अनिश्चितता बढ़ गई है।
रूस से तेल खरीद पर नाराज अमेरिका
अमेरिका का आरोप है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदकर उसे आर्थिक मदद कर रहा है, जिसका उपयोग यूक्रेन युद्ध में हो रहा है। इस कारण ट्रंप प्रशासन ने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है और आगे और कड़े कदम उठाने की चेतावनी दी है।
500% तक टैरिफ लगाने की तैयारी
अमेरिकी कांग्रेस में एक प्रस्ताव पर विचार चल रहा है, जिससे राष्ट्रपति ट्रंप को यह अधिकार मिलेगा कि रूस से व्यापार करने वाले देशों पर 500% तक टैरिफ लगाया जा सके। यह स्थिति भारत की अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर डाल सकती है।