अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर को लेकर चल रही बातचीत के बीच नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के कथित 10 सूत्रीय प्रस्ताव को पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत करार दिया है। उन्होंने मीडिया पर आरोप लगाया कि गलत जानकारी फैलाकर शांति प्रक्रिया को भटकाने की कोशिश की जा रही है। ट्रंप ने साफ कहा कि ऐसा कोई आधिकारिक प्रस्ताव नहीं है और इसे लेकर फैलाई जा रही खबरें झूठी हैं।
अमेरिकी सेना रहेगी तैनात
ट्रंप ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिकी सैन्य ताकत अपनी जगह से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि जहाज, लड़ाकू विमान, हथियार और सैन्य कर्मी पहले की तरह ही तैनात रहेंगे। उनका कहना है कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका पूरी ताकत के साथ जवाब देने के लिए तैयार है। इस बयान से साफ संकेत मिलते हैं कि अमेरिका फिलहाल किसी भी तरह की ढील देने के मूड में नहीं है।
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समझौता टूटा तो होगी बड़ी कार्रवाई
ट्रंप ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि अगर किसी कारण से समझौता नहीं हुआ तो फिर से भारी बमबारी शुरू हो सकती है। उन्होंने दावा किया कि अगली कार्रवाई पहले से कहीं ज्यादा शक्तिशाली और घातक होगी। साथ ही उन्होंने दोहराया कि ईरान को परमाणु हथियार रखने की इजाजत कभी नहीं दी जाएगी और होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना अनिवार्य होगा।
सीजफायर पर फिर मंडराया खतरा
ट्रंप के इस बयान के बाद सीजफायर की स्थिति फिर से अनिश्चित हो गई है। ईरान ने भी अमेरिका पर शर्तों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को दोबारा बंद करने की बात कही है। इससे वैश्विक तेल आपूर्ति और समुद्री व्यापार पर खतरा बढ़ गया है। साथ ही क्षेत्र में तनाव फिर से बढ़ने के संकेत मिल रहे हैं, जिससे आने वाले दिनों में हालात और गंभीर हो सकते हैं।