अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर चीन के खिलाफ टैरिफ की रणनीति पर आगे बढ़ते नजर आ रहे हैं। सेमीकंडक्टर चिप्स को लेकर अमेरिका और चीन के बीच लंबे समय से चल रहा ट्रेड तनाव अब नए मोड़ पर पहुंच गया है। ट्रंप प्रशासन ने साफ कर दिया है कि चीनी सेमीकंडक्टर आयात पर टैरिफ बढ़ाया जाएगा, लेकिन इसे फिलहाल टाल दिया गया है। यह फैसला ऐसे समय आया है जब दुनिया की सप्लाई चेन और टेक इंडस्ट्री चीन पर काफी हद तक निर्भर है। ट्रंप का यह कदम सीधे तौर पर यह संदेश देता है कि अमेरिका दबाव बनाए रखना चाहता है, लेकिन एक झटके में बड़ा फैसला लेने से बच रहा है।
18 महीने तक जीरो टैरिफ
न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी प्रशासन ने फेडरल रजिस्टर में दाखिल दस्तावेज में बताया है कि चीनी सेमीकंडक्टर चिप्स पर अगले 18 महीनों तक टैरिफ शून्य रहेगा। इसका मतलब है कि जून 2027 तक अमेरिका चीन से आने वाली इन चिप्स पर कोई नया शुल्क नहीं लगाएगा। हालांकि यह राहत अस्थायी है। दस्तावेज में यह भी साफ किया गया है कि टैरिफ लागू होने से कम से कम एक महीने पहले उसकी दर तय कर दी जाएगी, ताकि कंपनियों को तैयारी का समय मिल सके।
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चीन पर अनुचित व्यापार का आरोप
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय का कहना है कि चीन लंबे समय से सेमीकंडक्टर सेक्टर में अनुचित व्यापार नीतियों का इस्तेमाल कर रहा है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन ने इस उद्योग में दबदबा बनाने के लिए गैर-बाजार रणनीतियां अपनाईं। यह प्रक्रिया बिजनेस एक्ट की धारा 301 के तहत शुरू हुई थी, जिसकी नींव बाइडेन प्रशासन के दौरान रखी गई थी। ट्रंप सरकार ने इसी प्रक्रिया को आगे बढ़ाते हुए अब अगला चरण तय किया है। हालांकि टैरिफ टालने का फैसला यह भी दिखाता है कि अमेरिका फिलहाल टकराव को पूरी तरह तेज नहीं करना चाहता।
कंपनियों की नजर 2027 पर
टैरिफ की नई तारीख 23 जून 2027 तय होने के बाद अमेरिकी कंपनियों को कुछ हद तक स्पष्टता मिली है। टेक और मैन्युफैक्चरिंग कंपनियां इस बात पर बारीकी से नजर रख रही हैं कि भविष्य में टैरिफ बढ़ने से उनकी लागत और सप्लाई चेन पर क्या असर पड़ेगा। ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच पहले हुए समझौते के तहत कुछ टैरिफ कम किए गए थे और बदले में चीन ने दुर्लभ पृथ्वी धातुओं के निर्यात की अनुमति दी थी। अब माना जा रहा है कि 2027 में ट्रंप का अगला कदम अमेरिका-चीन व्यापार संबंधों की दिशा तय करेगा।