अमेरिका में टैरिफ को लेकर बड़ा कानूनी झटका लगते ही वैश्विक बाजारों में हलचल तेज हो गई है। Supreme Court of the United States के फैसले से डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन की नीति पर सवाल खड़े हुए, तो निवेशकों ने सुरक्षित ठिकानों की ओर रुख किया। नतीजा—सोना और चांदी फिर से रफ्तार पकड़ते दिख रहे हैं। अब सवाल यह है कि क्या कीमती धातुएं फिर नया रिकॉर्ड बनाएंगी?
टैरिफ फैसले के बाद बाजार में उथल-पुथल
अमेरिकी कोर्ट के फैसले के बाद वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ी है। अनिश्चितता का माहौल बनते ही निवेशकों ने इक्विटी से दूरी बनाकर गोल्ड-सिल्वर में खरीदारी बढ़ाई। सेफ हेवन डिमांड बढ़ने से कीमतों में तेज उछाल दर्ज किया गया।
24 घंटे में कितनी बढ़ी कीमत?
बीते एक दिन में सोने की कीमत में करीब 2300 रुपये की तेजी देखी गई, जबकि चांदी 8000 रुपये तक उछल गई। MCX पर सोना 1.59 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता दिखा। 24 कैरेट गोल्ड 15,943 रुपये प्रति ग्राम और 22 कैरेट 14,615 रुपये प्रति ग्राम के स्तर पर पहुंच गया।
जियोपॉलिटिक्स और सेफ हेवन फैक्टर
अमेरिका-ईरान तनाव और वैश्विक अनिश्चितता ने भी सोने को सहारा दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में COMEX पर गोल्ड ऊंचे स्तर पर बना हुआ है। जब भी जियोपॉलिटिकल तनाव बढ़ता है, निवेशक जोखिम से बचने के लिए कीमती धातुओं में निवेश बढ़ाते हैं।
अब कहां तक जा सकता है भाव?
विशेषज्ञ मानते हैं कि जब तक वैश्विक तनाव और ब्याज दरों को लेकर असमंजस बना रहेगा, तब तक सोना-चांदी मजबूत रह सकते हैं। टेक्निकल संकेत बताते हैं कि गोल्ड 1.55 लाख के सपोर्ट से ऊपर टिके रहने पर नई ऊंचाई की ओर बढ़ सकता है। लॉन्ग टर्म में दोनों धातुएं निवेशकों को आकर्षित करती रहेंगी।