मध्य पूर्व में एक बार फिर युद्ध जैसे हालात बन गए हैं। ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते सैन्य टकराव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों देशों को कड़ी चेतावनी देते हुए तुरंत गोलीबारी बंद करने की अपील की है। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रूथ सोशल’ पर पोस्ट कर कहा कि क्षेत्र में बढ़ता तनाव पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है और दोनों पक्षों को तत्काल सैन्य कार्रवाई रोककर बातचीत का रास्ता अपनाना चाहिए। ट्रंप का यह बयान ऐसे समय आया है, जब दोनों देशों के बीच मिसाइल हमलों का दौर तेज हो गया है।
ईरान के हमले के बाद भड़का नया संघर्ष
जानकारी के अनुसार, रविवार देर रात ईरान ने इजरायल पर मिसाइल हमला किया। यह हमला लेबनान में हिजबुल्लाह से जुड़े ठिकानों पर इजरायली कार्रवाई के जवाब में किया गया। ईरान ने दावा किया कि इजरायल लगातार क्षेत्र में तनाव बढ़ाने वाली गतिविधियों में शामिल है, जिसके चलते जवाबी कार्रवाई की गई। हमले के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है।
IRGC ने किया हमले का दावा
ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने बयान जारी कर कहा कि इजरायल ने ईरानी सीमा के भीतर सैन्य कार्रवाई की थी। संगठन के अनुसार, इजरायली हमले में बैलिस्टिक मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया। इस्फहान, तेहरान, तब्रीज और करज सहित कई शहरों में जोरदार धमाकों की आवाजें सुनाई दीं। हालांकि इजरायल ने दावा किया है कि उसके लड़ाकू विमान ईरानी हवाई क्षेत्र में प्रवेश नहीं किए और कार्रवाई अन्य सैन्य प्लेटफॉर्म के माध्यम से की गई।
ट्रंप की सलाह को नजरअंदाज कर इजरायल ने किया पलटवार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू से फोन पर बातचीत की थी। ट्रंप ने नेतन्याहू से संयम बरतने और जवाबी हमला नहीं करने की अपील की थी। उनका मानना था कि इससे क्षेत्र में चल रही कूटनीतिक और शांति प्रयासों को नुकसान पहुंच सकता है। इसके बावजूद इजरायल ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान पर मिसाइल हमले किए, जिससे तनाव और बढ़ गया।
दुनिया की नजरें मध्य पूर्व पर टिकीं
ईरान और इजरायल के बीच बढ़ते संघर्ष ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि दोनों देशों के बीच सैन्य कार्रवाई जारी रहती है, तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व की स्थिरता पर पड़ सकता है। कई देशों ने दोनों पक्षों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। फिलहाल दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में यह तनाव कम होता है या फिर क्षेत्र एक बड़े संघर्ष की ओर बढ़ता है।