US-CHINA SUMMIT: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की मुलाकात में दोनों नेताओं के बीच दोस्ताना माहौल नजर आया। ट्रंप ने शी का गर्मजोशी से स्वागत किया और दोनों ने साथ काम करने की जरूरत पर जोर दिया। लेकिन इन तस्वीरों के पीछे कई ऐसे मुद्दे हैं, जिन पर अमेरिका और चीन के बीच मतभेद अब भी कायम हैं। व्यापार से लेकर ताइवान और तकनीक तक, इस बैठक के पांच बड़े पहलू सामने आए।
गर्मजोशी भरा स्वागत, लेकिन सवाल बरकरार
शी जिनपिंग के अमेरिका पहुंचने पर डोनाल्ड ट्रंप ने खुद उनका स्वागत किया। दोनों नेताओं की मुलाकात में दोस्ताना अंदाज दिखाई दिया और कई मौकों पर ट्रंप ने चीन के राष्ट्रपति के साथ गर्मजोशी दिखाई। हालांकि, इस पूरे माहौल के बावजूद यह सवाल बना हुआ है कि क्या दोनों देशों के बीच वास्तविक तनाव कम हो रहा है या फिर बातचीत के लिए माहौल तैयार करने की कोशिश की जा रही है।
व्यापार विवाद पर दो महीने की मोहलत
अमेरिका और चीन ने मौजूदा व्यापार समझौते को दो महीने आगे बढ़ाने पर सहमति जताई है। इस फैसले से दोनों देशों को टैरिफ, कृषि उत्पादों की खरीद, रेयर अर्थ और तकनीक से जुड़े विवादों पर आगे बातचीत का समय मिलेगा। हालांकि, व्यापार के मोर्चे पर दोनों देशों की कई मांगें अभी पूरी तरह एक-दूसरे से मेल नहीं खाती हैं।
ताइवान पर चीन ने जताई चिंता
ताइवान का मुद्दा भी दोनों नेताओं की बातचीत में अहम रहा। शी जिनपिंग ने अमेरिका से ताइवान के मामले में सावधानी बरतने की अपील की। चीन लगातार चाहता रहा है कि अमेरिका ताइवान की स्वतंत्रता का समर्थन न करे। वहीं, बैठक के बाद अमेरिका की लंबे समय से चली आ रही ताइवान नीति में किसी बड़े बदलाव के स्पष्ट संकेत सामने नहीं आए।
टकराव से बचने और संवाद बढ़ाने पर जोर
शी जिनपिंग ने अमेरिका और चीन के बीच संभावित टकराव को लेकर सावधानी बरतने की बात कही। उन्होंने दोनों देशों के बीच नियमित सैन्य संवाद और संकट के समय तनाव कम करने की व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। ट्रंप ने भी दोनों देशों के साझा हितों पर मिलकर काम करने की संभावना जताई और पुराने सहयोग का जिक्र किया।
तस्वीरें बदलीं, लेकिन चुनौतियां अभी बाकी
ट्रंप और शी की मुलाकात ने दोनों देशों के बीच बातचीत का माहौल जरूर बनाया है, लेकिन असली बदलाव का पता आगे होने वाली बातचीत से चलेगा। व्यापार, ताइवान, रेयर अर्थ और तकनीक जैसे मुद्दों पर अभी कई सवाल बाकी हैं। ऐसे में यह बैठक तनाव कम करने की दिशा में एक संवाद का मौका जरूर है, लेकिन अमेरिका-चीन रिश्तों की बड़ी चुनौतियों का समाधान अभी सामने नहीं आया है।