ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष ने पश्चिम एशिया में तनाव के हालात पैदा कर दिए हैं। इस बीच इजरायल डिफेंस फोर्स (आईडीएफ) के प्रवक्ता बीजी एफी डेफ्रिन ने मीडिया को बताया कि ईरान से जुड़े मौजूदा झगड़े में आईडीएफ के मुख्य रणनीतिक मकसद क्या हैं? उन्होंने यह भी बताया कि ईरान अब खाड़ी देशों और इलाके में कमर्शियल तेल जहाजों को टारगेट कर रहा है तो इन हमलों को आईडीएफ कैसे देखता है?
न्यूक्लियर प्रोजेक्ट को जमीन के नीचे छिपाने की कोशिश
आईडीएफ प्रवक्ता एफी डेफ्रिन ने कहा, हमने दो हफ्ते पहले शनिवार सुबह इजरायल पर से होने वाले खतरे को हटाने के लिए कार्रवाई की। ईरानी सालों से अपनी न्यूक्लियर क्षमता बढ़ा रहे हैं। उनके पास बहुत बड़ा न्यूक्लियर प्रोजेक्ट था और जून में जब हमने उन पर हमला किया तो वे इस प्रोजेक्ट को फिर से शुरू कर रहे थे। वे इजरायल या अमेरिका, दोनों के हवाई बमों से बचने के लिए न्यूक्लियर प्रोजेक्ट को जमीन के नीचे छिपाने की कोशिश कर रहे थे। हमारे लिए यह एक खतरा है।
दूसरा खतरा उनके मिसाइल प्रोजेक्ट का है
उन्होंने आगे कहा, दूसरा खतरा उनके मिसाइल प्रोजेक्ट का है। वे हजारों बैलिस्टिक मिसाइलें और लॉन्चर बना रहे थे, जो सभी ईरान में बने थे। वे इजरायल तक पहुंचने और उस पर हमला करने के लिए 2,000 से 3,000 किलोमीटर की रेंज की बात कर रहे थे।
हम और बर्दाश्त नहीं कर सकते थे
इजरायली फोर्स के प्रवक्ता ने बताया कि ईरान हफ्ते या महीने में दर्जनों हथियार बना रहा था और उनका लक्ष्य महीने में सैकड़ों बनाने का था। दो हफ्ते पहले, यह उस नंबर पर पहुंच गया जिसे हम और बर्दाश्त नहीं कर सकते थे क्योंकि ये दोनों इजरायल पर होने का खतरा पैदा कर रहे हैं। हमें यह हमला करना पड़ा, हमें कार्रवाई करनी पड़ी, हमें इसे रोकना पड़ा। ईरान अब खाड़ी देशों और इलाके में कमर्शियल तेल जहाजों को निशाना बना रहा है।