कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के बीच भारत को बड़ा झटका लगा है। जूडो खिलाड़ी तूलिका मान को नेशनल एंटी-डोपिंग एजेंसी (नाडा) द्वारा अस्थायी रूप से निलंबित किए जाने के बाद उन्हें भारतीय टीम से बाहर कर दिया गया है। तूलिका महिलाओं के +78 किलोग्राम वर्ग में भारत की प्रमुख पदक दावेदारों में शामिल थीं।
लोकेशन नियम तोड़ने पर कार्रवाई
तूलिका मान पर प्रतिबंध डोप टेस्ट में फेल होने की वजह से नहीं, बल्कि एंटी-डोपिंग 'वेयरअबाउट्स' नियमों के उल्लंघन के कारण लगा है। नाडा के अनुसार, 12 महीने के भीतर तीन बार लोकेशन अपडेट या उपलब्धता से जुड़े नियमों का पालन नहीं करने पर उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। वाडा के नियमों के तहत इस मामले में दो साल तक के प्रतिबंध की संभावना भी है।
भारतीय जूडो टीम को दूसरा झटका
तूलिका मान से पहले भारतीय जूडो खिलाड़ी अरुण कुमार भी आउट-ऑफ-कॉम्पिटिशन डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए जाने के बाद निलंबित हो चुके हैं। लगातार दो खिलाड़ियों के बाहर होने से कॉमनवेल्थ गेम्स से पहले भारतीय जूडो टीम की तैयारियों को बड़ा झटका लगा है।
तूलिका का शानदार रिकॉर्ड
27 वर्षीय तूलिका मान ने 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में महिलाओं के +78 किलोग्राम वर्ग में रजत पदक जीता था। इसके अलावा उन्होंने 2024 पेरिस ओलंपिक और 2022 व 2024 विश्व जूडो चैंपियनशिप में भी भारत का प्रतिनिधित्व किया है।
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क्या होता है वेयरअबाउट्स नियम?
वाडा के नियमों के मुताबिक रजिस्टर्ड टेस्टिंग पूल में शामिल खिलाड़ियों को अपनी ट्रेनिंग, ठहरने की जगह और प्रतिदिन एक घंटे का निश्चित समय बताना होता है, ताकि बिना पूर्व सूचना के डोप टेस्ट किया जा सके। 12 महीने में तीन बार इस नियम का उल्लंघन एंटी-डोपिंग नियमों का उल्लंघन माना जाता है और इसके चलते निलंबन जैसी कार्रवाई की जा सकती है।