दिल्ली के तुर्कमान गेट इलाके में हाल ही में हुई हिंसा के बाद प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं। जांच में सामने आया है कि इस हिंसा को भड़काने में सोशल मीडिया की अहम भूमिका रही। पुलिस ने पांच ऐसे प्रमुख लोगों को चिन्हित किया है, जिन पर अफवाह फैलाने, भीड़ जुटाने और माहौल बिगाड़ने के गंभीर आरोप हैं।
हिंसा की जांच तेज, सोशल मीडिया बना बड़ा हथियार
तुर्कमान गेट इलाके में हुई हिंसा के बाद पुलिस ने जांच की रफ्तार बढ़ा दी है। शुरुआती पड़ताल में यह साफ हुआ है कि अफवाहों और भड़काऊ संदेशों के जरिए लोगों को उकसाया गया। जांच एजेंसियां यह समझने में जुटी हैं कि किस तरह कुछ पोस्ट और वीडियो ने कुछ ही घंटों में हालात को बेकाबू बना दिया।
अली: भड़काऊ वीडियो से फैली अफवाह
अली नाम का युवक जांच के केंद्र में है। उस पर सोशल मीडिया पर ऐसा वीडियो साझा करने का आरोप है, जिसमें समुदाय विशेष को उकसाने वाले नारे और मस्जिद से जुड़ी अफवाहें फैलाई गईं। वीडियो के वायरल होते ही भीड़ सड़कों पर उतर आई और हालात हिंसक हो गए। पुलिस के अनुसार, अली पहले भी बिना अनुमति भीड़ जुटाने को लेकर चेतावनी झेल चुका है।
सलमान और खालिद मलिक: भीड़ जुटाने की अपील
सलमान, जो सोशल मीडिया पर सक्रिय बताया जा रहा है, पर लोगों से इकट्ठा होने की अपील करने का आरोप है। वहीं खालिद मलिक ने कथित तौर पर मस्जिद से जुड़ी झूठी खबरें फैलाकर लोगों को घरों से बाहर निकलने के लिए उकसाया। जांच में कुछ व्हाट्सएप ग्रुप्स की भूमिका भी सामने आई है।
सरफराज मियां और ऐमन रिजवी की भूमिका भी जांच में
सरफराज मियां पर भ्रामक वीडियो प्रसारित करने का आरोप है, जिससे हालात और बिगड़े। वहीं जामिया इलाके की रहने वाली ऐमन रिजवी पर सोशल मीडिया के जरिए उकसाऊ पोस्ट साझा करने की बात सामने आई है। पुलिस इन सभी डिजिटल गतिविधियों की तकनीकी जांच कर रही है।
जुम्मे की नमाज़ को लेकर कड़े सुरक्षा इंतजाम
शुक्रवार को जुम्मे की नमाज़ को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है। फैज-ए-इलाही मस्जिद के आसपास आम लोगों को नमाज़ अदा करने की अनुमति नहीं दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल तैनात है और हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया भी आई सामने
इस घटना को लेकर पड़ोसी देश पाकिस्तान ने भी प्रतिक्रिया दी है और इसे लेकर आरोप लगाए हैं। हालांकि भारतीय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मामला कानून-व्यवस्था से जुड़ा है और इसकी निष्पक्ष जांच की जा रही है।