Success Story: हर किसी का सपना होता है एक सरकारी नौकरी पाना। कुछ का सपना होता है कि यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा पास कर देश सेवा करना। लेकिन कुछ लोग इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए पहले ही मिले अच्छे करियर ऑप्शन को भी ठुकरा देते हैं और केवल देश सेवा का ही सपना देखते हैं। जी हां हम बात कर रहे हैं, उत्तराखंड के अल्मोड़ा की रहने वाली तृप्ति भट्ट की। जिन्होंने इंजीनियरिंग की पढ़ाई के बाद एनटीपीसी में असिस्टेंट मैनेजर के तौर पर काम किया और इसरो समेत कई सरकारी नौकरियों में काम करने का अवसर मिला। लेकिन इसके बावजूद उन्होंने सिविल सेवा का अपना लक्ष्य हासिल करने के लिए अच्छी सरकारी नौकरियों को ठुकरा दिया और यूपीएससी क्लियर करने के अपने लक्ष्य को प्राथमिकता दी।
कैसा रहा तृप्ति भट्ट का जीवन
तृप्ति भट्ट का जन्म उत्तराखंड के अल्मोड़ा में एक मध्यम परिवार में हुआ। उनके परिवार में वह चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी हैं। उनका परिवार मुख्य रूप से शिक्षा से जुड़ा रहा है। तृप्ति ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अल्मोड़ा के एक स्कूल से की और 12वीं की पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय से की। स्कूली पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्होंने पंतनगर यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग की डिग्री प्राप्त की। आगे उनका चयन एनटीपीसी में असिस्टेंट मैनेजर के पद पर हो गया। लेकिन तृप्ति का मन सिर्फ इतने में ही संतुष्ट नहीं होना था। उनको सिविल सेवा में जाने की इच्छा थी।
बहुत होनहार हैं तृप्ति भट्ट
तृप्ति भट्ट पढ़ाई में काफी अच्छी हैं। उनकी प्रतियोगी परीक्षाओं में प्रदर्शन का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि उनिहोंने एक नहीं बल्कि 16 अलग-अलग सरकारी नौकरियों का अवसर हासिल किया। इसमें इसरो में साइंटिस्ट-इजीनियर के तौर पर काम करने का बड़ा मौका भी शामिल है। जो कई लोगों का सपना होता है। लेकिन तृप्ति का लक्ष्य तो सिविल सेवा में जाने का था। उन्होंने इसरो की नौकरी को छोड़ यूपीएससी की तैयारी शुरू की। तृप्ति ने साल 2013 में पहले ही प्रयास में यूपीएससी सिविल सर्विस एग्जाम पास किया। उनकी ऑल इंडिया रैंक 165 थी। उन्होंने भारतीय पुलिस सेवा का रास्ता चुना। उन्हें उत्तराखंड कैडर मिला।
पुलिस सेवा में कैसा रहा तृप्ति का सफर
पुलिस सेवा के दौरान उन्होंने पहले देहरादून की एसपी का पद संभाला। इसके बाद चमोली की एसपी बनीं। आगे चलकर वह टिहरी गढ़वाल में स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स की कमांजर बनीं। उन्होंने आपदा से जुड़ी रेस्क्यू ड्रिल्स में भी अहम भूमिका निभाई। इस समय तृप्ति देहरादून में एसपी इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी की जिम्मेदारी संभाले हुए है।
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स्पोर्ट्स एक्टिविटी में भी कर चुकी हैं शानदार प्रदर्शन
तृप्ति सिर्फ पुलिस अधिकारी के तौर पर ही नहीं जानी जाती बल्कि स्पोर्ट्स के मामले में भी तृप्ति किसी से कम नहीं हैं। उन्होंने मैराथन और बैडमिंटन प्रतियोगिता में भी बड़ी उपलब्धियां हासिल की है। वह ताइक्वांडो और कराटे की ट्रेनिंग भी ले चुकी हैं। बता दे कि साल 2022 में पीएम मोदी के अल्मोड़ा में हुई रैली के दौरान उन्होंने ड्यूटी का अपना अनुभव सोशल मीडिया पर भी शेयर किया था।