तमिलनाडु में चुनाव नतीजों के बाद सरकार गठन को लेकर बड़ा राजनीतिक तनाव बना हुआ है। विजय की पार्टी TVK ने साफ संकेत दिया है कि अगर DMK या AIADMK सरकार बनाने की कोशिश करती है तो पार्टी के सभी विधायक सामूहिक इस्तीफा दे सकते हैं। इसी बयान के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि अगर विधायक बिना शपथ लिए इस्तीफा दे देते हैं तो क्या उन्हें पेंशन और दूसरी सरकारी सुविधाएं मिल पाएंगी। तमिलनाडु की राजनीति में इस मुद्दे ने नई बहस छेड़ दी है।
सीक्रेट डील का आरोप
TVK का आरोप है कि DMK और AIADMK पर्दे के पीछे मिलकर पार्टी को सत्ता से दूर रखने की कोशिश कर रहे हैं। पार्टी नेताओं का दावा है कि जनता ने सबसे बड़ा जनादेश TVK को दिया है, लेकिन फिर भी उन्हें सरकार बनाने का मौका नहीं दिया जा रहा। इसी वजह से पार्टी अब बड़ा राजनीतिक दांव खेलने की तैयारी में दिखाई दे रही है। समर्थकों का कहना है कि अगर उनकी पार्टी को नजरअंदाज किया गया तो विधायक इस्तीफा देकर विरोध दर्ज कराएंगे। इस बयान के बाद राज्य की राजनीति और गर्म हो गई है।
क्या कहते हैं नियम
संवैधानिक नियमों के मुताबिक सिर्फ चुनाव जीतने से कोई व्यक्ति पूरी तरह विधायक नहीं माना जाता। सदन में शपथ लेने के बाद ही विधायक को आधिकारिक अधिकार मिलते हैं। कई राज्यों के नियमों में यह भी साफ है कि पेंशन पाने के लिए न्यूनतम कार्यकाल पूरा करना जरूरी होता है। अगर कोई विधायक शपथ लेने से पहले या बहुत कम समय में इस्तीफा दे देता है तो उसे पेंशन और कई सरकारी सुविधाओं से वंचित होना पड़ सकता है। यही वजह है कि TVK विधायकों के संभावित इस्तीफे को बड़ा जोखिम माना जा रहा है।
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पेंशन पर संशय
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि अगर TVK विधायक बिना औपचारिक कार्यवाही में हिस्सा लिए इस्तीफा देते हैं तो भविष्य में मिलने वाली पेंशन और अन्य लाभ खत्म हो सकते हैं। कई पुराने कानूनी मामलों और हाई कोर्ट के फैसलों में भी यह स्पष्ट किया गया है कि सेवा अवधि पूरी किए बिना पेंशन का दावा मजबूत नहीं माना जाता। ऐसे में TVK विधायकों के सामने राजनीतिक और आर्थिक दोनों तरह की चुनौती खड़ी हो सकती है। हालांकि पार्टी इसे जनता के सम्मान और लोकतांत्रिक अधिकारों की लड़ाई बता रही है।
जनादेश पर बहस
TVK लगातार यह दावा कर रही है कि जनता ने बदलाव के लिए वोट दिया है और पुरानी पार्टियां सत्ता बचाने के लिए साथ आने की कोशिश कर रही हैं। विजय का यह आक्रामक रुख अब तमिलनाडु की राजनीति में सबसे बड़ी चर्चा बन चुका है। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि आगे राज्यपाल और राजनीतिक दल क्या फैसला लेते हैं और क्या TVK सच में सामूहिक इस्तीफे का बड़ा कदम उठाएगी।