भोपाल के चर्चित ट्विशा मौत मामले में जांच को नए पहलुओं से जोड़ने की कोशिश तेज हो गई है। जिला अदालत में मामले से जुड़े तीन अलग-अलग आवेदनों पर सुनवाई पूरी हो चुकी है। दोनों पक्षों ने जांच में अतिरिक्त तकनीकी और डिजिटल साक्ष्यों को शामिल करने की मांग की है। अब अदालत इन आवेदनों पर अपना फैसला सुनाएगी, जिससे जांच की आगे की दिशा भी प्रभावित हो सकती है।
अदालत में तीन अलग-अलग आवेदनों पर हुई सुनवाई
मामले में शनिवार को जिला अदालत में तीन आवेदनों पर सुनवाई हुई। इनमें दो आवेदन गिरिबाला पक्ष की ओर से पेश किए गए, जबकि एक आवेदन मृतका ट्विशा के पिता की ओर से दायर किया गया। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क और जांच से जुड़ी मांगें अदालत के सामने रखीं।
तकनीकी साक्ष्यों की जांच की मांग
गिरिबाला पक्ष की ओर से अदालत से आग्रह किया गया कि ट्विशा और उसके परिजनों से जुड़े मोबाइल नंबरों की जांच कराई जाए। इसके अलावा मृतका के मोबाइल फोन, भोजन से जुड़े तथ्यों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों को भी जांच प्रक्रिया में शामिल करने की मांग की गई है।
कॉल डिटेल और सीसीटीवी फुटेज पर भी जोर
दूसरी तरफ ट्विशा के पिता की ओर से दायर आवेदन में कुछ मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल की जांच और एम्स भोपाल के सीसीटीवी फुटेज को भी जांच के दायरे में लाने की मांग की गई है। उनका मानना है कि इससे कई अहम सवालों के जवाब सामने आ सकते हैं।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनकर सुरक्षित रखा फैसला
अदालत ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद तीनों आवेदनों पर तत्काल आदेश नहीं दिया। न्यायालय ने फैसला सुरक्षित रखते हुए अगली सुनवाई में आदेश जारी करने की बात कही है।
जांच की दिशा बदल सकता है अदालत का फैसला
ट्विशा मौत मामला पहले से ही कई गंभीर आरोपों और सवालों के कारण चर्चा में बना हुआ है। ऐसे में अदालत का आगामी फैसला जांच को नई दिशा दे सकता है और कई बिंदुओं पर स्पष्टता आने की संभावना भी बढ़ सकती है।