भोपाल के चर्चित ट्विशा केस में सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश गिरीबाला सिंह की जमानत अर्जी पर 23 जुलाई को सीबीआई कोर्ट में सुनवाई होगी। इसी दिन उनकी नियमित पेशी भी तय है। जमानत आवेदन में उन्होंने अपनी 100 वर्षीय मां की देखभाल और घर में हुई चोरी का हवाला देते हुए अदालत से राहत की मांग की है। अब इस मामले की अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
मानवीय आधार पर मांगी राहत
गिरीबाला सिंह की ओर से दायर जमानत अर्जी में कहा गया है कि उनकी मां करीब 100 वर्ष की हैं और उन्हें नियमित देखभाल की जरूरत है। आवेदन में यह भी बताया गया है कि उनके घर में चोरी की घटना हुई थी। इन परिस्थितियों को मानवीय आधार बताते हुए अदालत से जमानत देने का अनुरोध किया गया है।
फिलहाल सिर्फ गिरीबाला सिंह ने लगाई याचिका
इस मामले में सह-आरोपी समर्थ सिंह की ओर से अभी तक कोई जमानत अर्जी दाखिल नहीं की गई है। फिलहाल सीबीआई कोर्ट के सामने केवल गिरीबाला सिंह की जमानत याचिका ही विचाराधीन है। ऐसे में 23 जुलाई की सुनवाई पूरी तरह इसी आवेदन पर केंद्रित रहेगी।
पहले हाई कोर्ट रद्द कर चुका है जमानत
ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में गिरीबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। शुरुआती दौर में निचली अदालत से गिरीबाला सिंह को जमानत मिल गई थी, लेकिन बाद में हाई कोर्ट ने उस आदेश को निरस्त कर दिया। इसके बाद सीबीआई ने उन्हें गिरफ्तार किया और तब से वे न्यायिक हिरासत में हैं।
23 जुलाई की सुनवाई रहेगी अहम
सीबीआई कोर्ट में 23 जुलाई को होने वाली सुनवाई इस मामले का महत्वपूर्ण चरण मानी जा रही है। अदालत दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत अर्जी पर फैसला सुरक्षित रख सकती है या आदेश सुना सकती है। ऐसे में ट्विशा केस से जुड़े सभी पक्षों की नजर अब इसी सुनवाई पर बनी हुई है।