बहुचर्चित ट्विशा शर्मा डेथ मिस्ट्री मामले में केंद्रीय जांच एजेंसी ने जांच की रफ्तार तेज कर दी है। मामले से जुड़े कई पहलुओं की दोबारा पड़ताल की जा रही है। मेडिकल रिकॉर्ड, उपचार से जुड़े दस्तावेज, गर्भपात की परिस्थितियां और जांच के दौरान सामने आए अन्य तथ्यों को खंगाला जा रहा है। वहीं, मामले में सह-आरोपी पूर्व जज गिरिबाला सिंह को लेकर भी नई जानकारियां सामने आई हैं, जिससे इस केस को लेकर चर्चा और तेज हो गई है।
बेल्ट जब्ती विवाद के बीच छुट्टी पर गया थानेदार
मामले की जांच के दौरान प्रॉपर्टी सीजर और बेल्ट जब्ती को लेकर उठे सवालों के बीच संबंधित थानेदार के छुट्टी पर चले जाने की जानकारी सामने आई है। बताया गया है कि उन्होंने स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अवकाश लिया है। जांच एजेंसी इस पूरे घटनाक्रम को भी रिकॉर्ड का हिस्सा बनाकर संबंधित तथ्यों की पड़ताल कर रही है। मामले में शुरुआती जांच के दौरान हुई कार्रवाई और प्रक्रियाओं की भी समीक्षा की जा रही है।
मेडिकल दस्तावेजों और उपचार से जुड़े पहलुओं पर फोकस
जांच एजेंसी ने ट्विशा शर्मा के इलाज से जुड़े दस्तावेजों और मेडिकल रिकॉर्ड को गंभीरता से लेना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है कि उपचार करने वाले मनोरोग विशेषज्ञ से भी पूछताछ की गई है। जांचकर्ताओं का प्रयास है कि उपचार और काउंसलिंग के दौरान सामने आई परिस्थितियों को समझा जाए। इसके साथ ही उन दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है, जो मामले के सामने आने के बाद सार्वजनिक किए गए थे।
गर्भपात से जुड़े तथ्यों की भी पड़ताल
मामले की कड़ियों को जोड़ने के लिए गर्भपात से जुड़े पहलुओं की भी जांच की जा रही है। इस सिलसिले में संबंधित डॉक्टर से पूछताछ कर उस समय की परिस्थितियों, निर्णय प्रक्रिया और संबंधित संवादों को समझने का प्रयास किया गया है। जांच एजेंसी यह जानना चाहती है कि उस दौरान क्या हालात थे और उनसे मामले की जांच में कोई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं या नहीं।
जेल में किताब पढ़ती मिलीं गिरिबाला सिंह
भोपाल सेंट्रल जेल में बंद पूर्व जज और मामले की सह-आरोपी गिरिबाला सिंह से मिलने महिला आयोग की टीम पहुंची। निरीक्षण के दौरान वे एक पुस्तक पढ़ती हुई मिलीं। टीम ने जेल की व्यवस्थाओं और बंदियों को मिलने वाली सुविधाओं का भी जायजा लिया। निरीक्षण के बाद यह स्पष्ट किया गया कि ऐसा कोई संकेत नहीं मिला, जिससे यह माना जाए कि उन्हें विशेष सुविधा या अलग तरह का व्यवहार दिया जा रहा है।
कई पहलुओं को जोड़कर आगे बढ़ रही जांच
ट्विशा शर्मा मामले में जांच एजेंसी अब हर उस पहलू को खंगाल रही है, जो घटना से पहले और बाद की परिस्थितियों को समझने में मदद कर सकता है। मेडिकल रिकॉर्ड, व्यक्तिगत परिस्थितियां, पुलिस कार्रवाई और अन्य साक्ष्यों को जोड़कर पूरी तस्वीर स्पष्ट करने की कोशिश की जा रही है। आने वाले दिनों में जांच के आधार पर कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आने की संभावना जताई जा रही है।