भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा सुसाइड मामले में कानूनी प्रक्रिया ने नया मोड़ ले लिया है। जबलपुर में हुई सुनवाई के दौरान ट्विशा शर्मा की सास गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पर फैसला फिलहाल टाल दिया गया है। अब मामले में 27 मई को सुनवाई होगी। दूसरी ओर, केस में पोस्टमार्टम रिपोर्ट, प्रताड़ना और जांच को लेकर उठ रहे सवालों ने पूरे मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
27 मई को होगी अगली सुनवाई
ट्विशा शर्मा मामले में सोमवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत ने अगली तारीख 27 मई तय की है। सास गिरिबाला Singh की अग्रिम जमानत याचिका पर इसी दिन फैसला आने की संभावना जताई जा रही है। सुनवाई के दौरान गिरिबाला सिंह के वकील ने दलील दी कि उन्हें याचिका से जुड़े आवश्यक दस्तावेज नहीं मिले हैं, इसलिए जवाब दाखिल करने के लिए अतिरिक्त समय दिया जाए।
जांच में सहयोग नहीं करने के आरोपों से इनकार
गिरिबाला सिंह की ओर से अदालत में कहा गया कि यह आरोप गलत है कि वह जांच में सहयोग नहीं कर रही हैं। बचाव पक्ष ने कोर्ट में कहा कि मामले में तथ्यों को सही तरीके से सामने रखा जाना जरूरी है। वहीं दूसरी ओर महाधिवक्ता ने अग्रिम जमानत का विरोध करते हुए कहा कि मामले की गंभीरता को देखते हुए राहत देना उचित नहीं होगा।
कोर्ट में दूसरे पोस्टमार्टम का भी जिक्र
सुनवाई के दौरान महाधिवक्ता ने अदालत को ट्विशा शर्मा के दूसरे पोस्टमार्टम की जानकारी भी दी। मामले में पोस्टमार्टम रिपोर्ट को लेकर पहले से ही विवाद बना हुआ है। शुरुआती रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया था, लेकिन मृतका के परिजनों ने रिपोर्ट पर सवाल उठाए थे। उनका आरोप है कि शरीर पर मौजूद चोटों का उल्लेख रिपोर्ट में नहीं किया गया।
11-12 मई की रात हुई थी संदिग्ध मौत
जानकारी के अनुसार 11 और 12 मई की दरम्यानी रात ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी। घटना के बाद मामला तेजी से सुर्खियों में आया और परिजनों ने ससुराल पक्ष पर गंभीर आरोप लगाए। पुलिस ने मामले में सास गिरिबाला सिंह और पति समर्त सिंह के खिलाफ दहेज प्रताड़ना सहित अन्य धाराओं में प्रकरण दर्ज किया है।
मामले पर सबकी नजरें
अब पूरे मामले में 27 मई की सुनवाई को अहम माना जा रहा है। अग्रिम जमानत पर आने वाला फैसला जांच की दिशा और कानूनी प्रक्रिया दोनों पर असर डाल सकता है। ट्विशा शर्मा केस को लेकर लगातार सामाजिक और कानूनी स्तर पर चर्चा बनी हुई है, वहीं परिजन निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।