भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मृत्यु प्रकरण में आरोपी गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई लगातार टलती जा रही है। मामले में एक के बाद एक जज खुद को सुनवाई से अलग कर रहे हैं, जिससे कानूनी प्रक्रिया में नया मोड़ आ गया है। अब यह मामला चौथी अदालत को सौंपा गया है, जहां अगली सुनवाई की तारीख तय होगी। इस घटनाक्रम ने मामले को लेकर कानूनी और सामाजिक दोनों स्तरों पर चर्चा तेज कर दी है।
तीन अदालतों के बाद अब चौथे जज के पास पहुंचा मामला
गिरिबाला सिंह की जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अब तक तीन न्यायाधीश खुद को इस मामले से अलग कर चुके हैं। शुरुआत में दो महिला न्यायाधीशों ने सुनवाई से स्वयं को अलग किया था। इसके बाद प्रकरण को सीबीआई की विशेष अदालत में भेजा गया, लेकिन वहां के विशेष न्यायाधीश ने भी सुनवाई से खुद को अलग कर लिया। अब यह मामला चौथे जज की अदालत में स्थानांतरित कर दिया गया है, जहां आगे की सुनवाई होगी।
जमानत याचिका में उम्र और पारिवारिक जिम्मेदारियों का दिया हवाला
जमानत की मांग करते हुए गिरिबाला सिंह की ओर से अदालत में कहा गया कि उनकी उम्र बढ़ चुकी है और स्वास्थ्य भी ठीक नहीं रहता। याचिका में यह भी उल्लेख किया गया कि उन्हें अपनी वृद्ध मां की देखभाल करनी है। बचाव पक्ष ने यह भी दावा किया कि गिरिबाला सिंह और ट्विशा शर्मा के बीच पारिवारिक संबंध सामान्य और सौहार्दपूर्ण थे। हालांकि इन दावों पर अंतिम निर्णय अदालत की सुनवाई के बाद ही होगा।
ट्विशा शर्मा की मौत के बाद शुरू हुआ था विवाद
यह मामला 12 मई 2026 को सामने आया था, जब भोपाल के कटारा हिल्स स्थित घर में ट्विशा शर्मा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। घटना के बाद मायके पक्ष ने पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह पर दहेज प्रताड़ना, मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न के आरोप लगाए। शुरुआती जांच पर सवाल उठने के बाद अदालत ने मामले की जांच सीबीआई को सौंपने का आदेश दिया।
जांच जारी, अगली सुनवाई पर टिकी निगाहें
मामले में पति समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। इसके बाद समर्थ सिंह और गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया था। जांच के दौरान ट्विशा का दो बार पोस्टमार्टम कराया गया, जबकि घटना को लेकर दोनों पक्षों के अलग-अलग दावे सामने आए। फिलहाल जांच एजेंसी मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। अब सभी की नजरें चौथी अदालत पर हैं, जहां जमानत याचिका पर अगली सुनवाई की तारीख तय की जाएगी।