भोपाल में चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले ने अब नया कानूनी मोड़ ले लिया है। मामले में आरोपी पति समर्थ सिंह, जो पिछले 9 दिनों से फरार बताया जा रहा है, ने अब हाई कोर्ट की शरण ली है। जिला अदालत से अग्रिम जमानत अर्जी खारिज होने के बाद समर्थ ने हाई कोर्ट में अपील दायर की है। दूसरी ओर पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी हुई है और उसके खिलाफ इनाम की राशि भी बढ़ा दी गई है।
जिला अदालत से राहत नहीं मिलने के बाद हाई कोर्ट पहुंचे समर्थ
ट्विशा शर्मा की मौत के बाद से आरोपी पति समर्थ सिंह फरार चल रहा है। उस पर पत्नी को प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए हैं। इससे पहले भोपाल जिला अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी थी। अब समर्थ सिंह ने हाई कोर्ट में याचिका दाखिल कर कानूनी राहत की मांग की है। माना जा रहा है कि इस मामले में जल्द सुनवाई की तारीख तय हो सकती है।
23 मई को कोर्ट में पेश होने के निर्देश
मामले में अदालत ने समर्थ सिंह को 23 मई को पेश होने के निर्देश दिए हैं। हालांकि अब तक वह पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस लगातार उसकी तलाश कर रही है। वहीं इस पूरे मामले को लेकर परिवार और प्रशासन दोनों की नजरें अब हाई कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हुई हैं।
कॉल रिकॉर्ड ने बढ़ाई जांच की दिशा
ट्विशा शर्मा के पिता ने दावा किया है कि घटना के बाद आरोपी सास गिरिबाला सिंह ने कई प्रभावशाली लोगों और जजों को फोन किए थे। जानकारी के अनुसार 40 से ज्यादा नंबरों पर कॉल किए जाने की बात सामने आई है। इन कॉल डिटेल्स को अब जांच के दायरे में शामिल किया जा सकता है। परिवार का आरोप है कि घटना के बाद लगातार संपर्क साधने की कोशिशें की गईं।समर्थ
सिंह पर बढ़ा इनाम, पासपोर्ट भी सस्पेंड
भोपाल पुलिस ने समर्थ सिंह की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए हैं। पुलिस कमिश्नर ने जानकारी दी कि आरोपी पर घोषित इनाम बढ़ाकर 30 हजार रुपये कर दिया गया है। इसके साथ ही उसके खिलाफ लुक आउट नोटिस जारी किया गया है और पासपोर्ट भी सस्पेंड कर दिया गया है, ताकि वह देश छोड़कर बाहर न जा सके।
गिरिबाला सिंह से पूछताछ को लेकर उठे सवाल
मामले में यह सवाल भी लगातार उठ रहे हैं कि आरोपी की मां गिरिबाला Singh से अब तक पूछताछ क्यों नहीं हुई। परिवार का कहना है कि जिस घर में घटना हुई, वही जांच का मुख्य स्थान है। ऐसे में सबूतों से छेड़छाड़ की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस का कहना है कि कानूनी प्रक्रिया और कोर्ट के निर्देशों के अनुसार ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।