भोपाल में एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत से जुड़े मामले में जांच एक बार फिर नए मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। मामले की सुनवाई के दौरान जांच एजेंसी ने डिजिटल और तकनीकी साक्ष्यों तक पहुंच बनाने के लिए आरोपी समर्थ सिंह के लैपटॉप पासवर्ड और वॉयस सैंपल लेने की अनुमति मांगी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने कुछ मुद्दों पर सहमति जताई, जबकि कुछ प्रक्रियाओं को लेकर अपनी शर्तें भी अदालत के सामने रखीं। अब इस मामले में अदालत के आदेश पर अगली जांच की दिशा तय होगी।
कोर्ट में दोनों पक्षों ने रखी अपनी दलील
जिला अदालत में हुई सुनवाई के दौरान मामले से जुड़े दोनों आवेदनों पर विस्तार से बहस हुई। जांच एजेंसी और बचाव पक्ष ने अपने-अपने तर्क अदालत के सामने रखे। सभी पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने अपना फैसला तत्काल सुनाने के बजाय आदेश सुरक्षित रख लिया है। अब इस मामले में 6 जुलाई को अदालत का निर्णय आने की संभावना है।
लैपटॉप पासवर्ड देने पर आरोपी पक्ष ने जताई सहमति
जांच के दौरान डिजिटल साक्ष्यों को महत्वपूर्ण मानते हुए समर्थ सिंह के लैपटॉप तक पहुंच की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने लैपटॉप का पासवर्ड साझा करने पर किसी प्रकार की आपत्ति नहीं जताई। इससे जांच एजेंसी को इलेक्ट्रॉनिक डेटा तक पहुंचने में मदद मिल सकती है।
वॉयस सैंपल पर रखी गई विशेष शर्त
हालांकि वॉयस सैंपल को लेकर बचाव पक्ष ने एक शर्त अदालत के सामने रखी। उनका कहना था कि वॉयस रिकॉर्डिंग की एक प्रति अदालत के पास भी सुरक्षित रखी जानी चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया पारदर्शी बनी रहे और भविष्य में किसी प्रकार के विवाद की स्थिति न बने।
डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों पर जांच एजेंसी का फोकस
जांच एजेंसी ने अदालत में कहा कि मामले की गहराई तक पहुंचने के लिए डिजिटल और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच जरूरी है। बताया गया कि पहले भी आरोपी से पूछताछ की जा चुकी है और अब तकनीकी पहलुओं पर काम जारी है। दूसरी ओर, मामले से जुड़े एक अन्य घटनाक्रम में रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह के घर हुई चोरी की जांच के लिए अलग टीम भी सक्रिय की गई है। इस पूरे मामले में आने वाले दिनों में कई अहम जानकारियां सामने आने की संभावना जताई जा रही है।