भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच अब सबसे अहम पड़ाव पर पहुंचती दिखाई दे रही है। घटना के 19 दिन बाद जांच एजेंसी ने क्राइम रिक्रिएशन के जरिए उस रात की परिस्थितियों को दोबारा समझने की कोशिश की। इसके लिए 80 किलो वजन की डमी का इस्तेमाल किया गया और घटनास्थल पर मौजूद हर व्यक्ति की भूमिका को बारीकी से परखा गया। जांच का मकसद मौत से पहले और बाद के घटनाक्रम की सटीक तस्वीर सामने लाना है।
80 किलो की डमी से दोहराया गया पूरा घटनाक्रम
जांच टीम घटनास्थल पर 80 किलो वजन की डमी लेकर पहुंची। डमी को कपड़े पहनाकर उसी स्थान पर रखा गया, जहां घटना हुई थी। इसके बाद घटनाक्रम को चरणबद्ध तरीके से दोहराया गया। जांच अधिकारियों ने यह समझने की कोशिश की कि कथित तौर पर शव को किस तरह नीचे उतारा गया था और उस दौरान घटनास्थल की स्थिति क्या रही होगी।
हर सवाल का जवाब तलाश रही जांच टीम
क्राइम रिक्रिएशन के दौरान कई महत्वपूर्ण सवाल पूछे गए। घटना के समय घर में कौन-कौन मौजूद था, फंदे की गांठ किसने खोली, मौत के बाद क्या गतिविधियां हुईं और घटनास्थल पर किस तरह की परिस्थितियां थीं, इन सभी बिंदुओं पर जानकारी जुटाई गई। अधिकारियों ने हर जवाब को रिकॉर्ड कर साक्ष्यों से मिलान की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
34 मिनट का वीडियो बना अहम सबूत
मामले में 34 मिनट की वीडियो रिकॉर्डिंग जांच के केंद्र में आ गई है। यह वीडियो घटनास्थल को सुरक्षित किए जाने और घर का ताला खोले जाने के दौरान तैयार किया गया था। जांच एजेंसी इस फुटेज के जरिए यह समझने की कोशिश कर रही है कि घटना के बाद क्राइम सीन की वास्तविक स्थिति क्या थी और कहीं किसी प्रकार की छेड़छाड़ तो नहीं हुई।
डिजिटल रिकॉर्ड और साक्ष्यों की पड़ताल जारी
जांच एजेंसी सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड का भी विश्लेषण कर रही है। अधिकारियों का मानना है कि तकनीकी साक्ष्य मामले की कई अहम कड़ियों को जोड़ सकते हैं। फिलहाल जांच का फोकस यह पता लगाने पर है कि मौत के पीछे की वास्तविक परिस्थितियां क्या थीं और घटनास्थल से मिले साक्ष्य किस ओर इशारा करते हैं।