TWISHA CASE CHARGES ON SEPTEMBER 16---भोपाल के चर्चित ट्विशा शर्मा मौत मामले में अब कानूनी कार्रवाई अगले अहम पड़ाव पर पहुंच गई है। सीबीआई की ओर से जिला अदालत में 636 पेज की चार्जशीट पेश किए जाने के बाद आरोपी सास गिरिबाला सिंह और पति समर्थ सिंह के खिलाफ आरोप तय करने की प्रक्रिया शुरू होगी। मामले में 16 सितंबर 2026 को सुनवाई निर्धारित है। दोनों आरोपी फिलहाल भोपाल सेंट्रल जेल में बंद हैं।
एक ही कोर्ट में चलेगा ट्रायल
ट्विशा शर्मा मामले में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मनोज कुमार श्रीवास्तव ने केस को विशेष न्यायाधीश (OAW) पल्लवी द्विवेदी की अदालत में ट्रांसफर किया है। खास बात यह है कि इसी अदालत से गिरिबाला सिंह को पहले अग्रिम जमानत मिली थी। बाद में जबलपुर हाईकोर्ट ने उस आदेश को रद्द करते हुए अग्रिम जमानत खारिज कर दी थी। इसके बाद दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी हुई।
636 पेज की चार्जशीट में 150 गवाह
सीबीआई ने 17 अगस्त को भोपाल जिला अदालत में चार्जशीट दाखिल की थी। 636 पेज की इस चार्जशीट में करीब 150 गवाहों के बयान शामिल बताए गए हैं। गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह पर दहेज हत्या, उत्पीड़न, दहेज प्रतिषेध अधिनियम और आत्महत्या के लिए उकसाने से संबंधित धाराओं में आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों पर अदालत में सुनवाई और आगे की न्यायिक प्रक्रिया बाकी है।
16 सितंबर को आरोप तय करने पर सुनवाई
ट्विशा पक्ष के अधिवक्ता अंकुर पांडे के मुताबिक, चार्जशीट दाखिल होने के बाद अब आरोप तय करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। उनके अनुसार, सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत निचली अदालतों में चार्जशीट के बाद आरोप तय करने की प्रक्रिया प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जानी है। इसी क्रम में 16 सितंबर को अदालत मामले की सुनवाई करेगी।
मां ने लगाए मानसिक प्रताड़ना के आरोप
ट्विशा की मां ने दावा किया था कि उनकी बेटी खुद कोई गलत कदम नहीं उठा सकती थी। उन्होंने सास गिरिबाला पर ट्विशा को कथित तौर पर यह चेतावनी देने का आरोप लगाया कि अगर वह घर छोड़कर गई तो वापस नहीं आ पाएगी और परिवार का कोई सदस्य उससे बात नहीं करेगा। वहीं दूसरी पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी मौत का कारण दम घुटना बताया गया है। चार्जशीट में मानसिक क्रूरता के पहलू को भी महत्वपूर्ण आधार बताया गया है।
12 मई को ससुराल में मिला था शव
ट्विशा शर्मा की 12 मई को मौत हुई थी और उनका शव भोपाल के कटारा हिल्स थाना क्षेत्र स्थित ससुराल में मिला था। मायके पक्ष की शिकायत के बाद दोबारा पोस्टमार्टम कराया गया और बाद में जांच सीबीआई को सौंपी गई। मामले में ट्विशा का आईफोन, घर का DVR और आरोपियों की आवाज से जुड़े फोरेंसिक परीक्षण भी जांच का हिस्सा हैं। अब 16 सितंबर की सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।