Twisha Sharma Death Case--ट्विशा शर्मा मौत मामले में CBI ने अदालत में 636 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है। जांच एजेंसी की चार्जशीट में दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को अहम आधार बनाया गया है। रिपोर्ट के मुताबिक ट्विशा की मौत का कारण आत्महत्या बताया गया है। मामले में CBI ने उनके पति समर्थ सिंह और सास गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया है। चार्जशीट में जांच के दौरान जुटाए गए साक्ष्य और गवाहों के बयानों को भी शामिल किया गया है।
दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट बनी अहम कड़ी
ट्विशा शर्मा की मौत के बाद पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को लेकर सवाल उठे थे। इसके बाद दोबारा पोस्टमॉर्टम कराया गया था। दूसरी मेडिकल जांच में मौत को आत्महत्या बताया गया है। सुप्रीम कोर्ट के रिकॉर्ड के मुताबिक, दूसरी ऑटोप्सी एम्स दिल्ली की टीम ने मध्य प्रदेश हाईकोर्ट के निर्देश के बाद की थी।
CBI ने पति और सास को बनाया आरोपी
जांच एजेंसी की ओर से दाखिल चार्जशीट में समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह को आरोपी बनाया गया है। दोनों पर आत्महत्या के लिए उकसाने, दहेज से जुड़ी प्रताड़ना और क्रूरता जैसे आरोपों के तहत कार्रवाई की गई है। हालांकि इन आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में होने वाली सुनवाई और पेश किए जाने वाले साक्ष्यों के आधार पर होगा।
परिवार ने लगाए थे गंभीर आरोप
ट्विशा की मौत के बाद उनके परिवार की ओर से ससुराल पक्ष पर मानसिक उत्पीड़न और दहेज को लेकर प्रताड़ित करने के आरोप लगाए गए थे। इन्हीं आरोपों के बाद मामले की जांच आगे बढ़ी और बाद में CBI ने इसकी जिम्मेदारी संभाली। शुरुआती जांच को लेकर भी परिवार की ओर से सवाल उठाए गए थे। इसी पृष्ठभूमि में दूसरी पोस्टमॉर्टम जांच कराई गई।
मौत को लेकर लंबे समय से था विवाद
ट्विशा शर्मा की मौत 12 मई 2026 को भोपाल स्थित उनके वैवाहिक घर में हुई थी। घटना के बाद मौत की परिस्थितियों को लेकर विवाद खड़ा हुआ। एक तरफ ससुराल पक्ष ने इसे आत्महत्या बताया, जबकि ट्विशा के परिवार ने गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। इसके बाद मामले की जांच CBI को सौंपी गई।
636 पन्नों की चार्जशीट में क्या है?
CBI की 636 पन्नों की चार्जशीट में जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेज, मेडिकल साक्ष्य और गवाहों के बयान शामिल किए गए हैं। दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट को भी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया गया है। अब चार्जशीट पर अदालत में आगे की कानूनी प्रक्रिया होगी। आत्महत्या की परिस्थितियों और आरोपियों पर लगाए गए आरोपों से जुड़े पहलुओं पर अदालत में साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ेगी।