ट्विशा शर्मा डेथ केस की जांच में अब नए खुलासों की संभावना बढ़ गई है। केंद्रीय जांच एजेंसी की पड़ताल में कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) और सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण कड़ियां बनकर सामने आए हैं। जांच के दौरान कई प्रभावशाली लोगों के नाम चर्चा में हैं। सूत्रों के अनुसार, एजेंसी तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर जांच को अंतिम चरण में पहुंचाने में जुटी है। मामले में 16 जून को होने वाली अगली सुनवाई पर सभी की नजरें टिकी हैं।
कॉल डिटेल रिकॉर्ड से खुल सकती हैं कई परतें
जांच के दौरान सामने आए कॉल डिटेल रिकॉर्ड को मामले की अहम कड़ी माना जा रहा है। दावा किया जा रहा है कि ट्विशा की मौत वाले दिन और उसके अगले दिन कई महत्वपूर्ण फोन कॉल किए गए थे। इन कॉल्स के जरिए जांच एजेंसी घटनाक्रम से जुड़े लोगों के बीच संपर्क और गतिविधियों की पड़ताल कर रही है। हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है।
प्रभावशाली लोगों की भूमिका पर जांच
मामले में कुछ न्यायिक और कानूनी क्षेत्र से जुड़े लोगों के नाम भी सामने आए हैं। शिकायतकर्ता पक्ष ने दावा किया है कि कई प्रभावशाली व्यक्तियों के बीच लगातार संपर्क हुआ था। इसी आधार पर जांच एजेंसी विभिन्न पहलुओं की पड़ताल कर रही है। एजेंसी का फोकस यह जानने पर है कि घटना से पहले और बाद में किन-किन लोगों की क्या भूमिका रही।
सीसीटीवी फुटेज से मिले नए सुराग
ट्विशा के मौत से पहले एक पार्लर जाने की जानकारी जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा बनी हुई है। वहां लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज में कुछ अधिवक्ता भी दिखाई दिए थे। इन्हीं में से एक अधिवक्ता से जांच एजेंसी ने पूछताछ की है। एजेंसी यह समझने का प्रयास कर रही है कि संबंधित लोग वहां किस उद्देश्य से पहुंचे थे और उनका मामले से कोई संबंध था या नहीं।
तकनीकी जांच में मोबाइल पर फोकस
सूत्रों के अनुसार, ट्विशा के लैपटॉप की फोरेंसिक और तकनीकी जांच पूरी कर ली गई है। जांच के दौरान निजी दस्तावेज, तस्वीरें और पेशेवर गतिविधियों से जुड़े डिजिटल रिकॉर्ड खंगाले गए। अब एजेंसी का मुख्य ध्यान मोबाइल फोन की जांच पर है, जिससे घटनाक्रम से जुड़े अतिरिक्त डिजिटल साक्ष्य मिलने की उम्मीद है।
16 जून की सुनवाई पर टिकी निगाहें
मामले में आरोपी बनाए गए पति समर्थ सिंह और उनकी मां पूर्व जिला न्यायाधीश गिरिबाला सिंह न्यायिक हिरासत में हैं। दोनों की अगली पेशी 16 जून को निर्धारित है। माना जा रहा है कि इसी दौरान जांच एजेंसी अदालत के समक्ष अपनी प्रगति रिपोर्ट या महत्वपूर्ण निष्कर्ष प्रस्तुत कर सकती है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और एजेंसी सभी पहलुओं को जोड़कर घटनाक्रम की सच्चाई तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।