Protest at CEC Gyanesh Kumar's House: आगरा में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के पैतृक आवास के बाहर प्रदर्शन और तोड़फोड़ के मामले में पुलिस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अनिल यादव और मुकेश धनगर के रूप में हुई है। दोनों को दिल्ली की ओर जाते समय पुलिस ने पकड़ लिया। मामले में पुलिस पूछताछ कर रही है। सोमवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विजय नगर स्थित ज्ञानेश कुमार के आवास के बाहर प्रदर्शन किया था।
घर के गेट पर लिखे गए नारे
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लगाए। रिपोर्टों के मुताबिक घर के गेट और दीवार पर स्प्रे पेंट से आपत्तिजनक नारे लिखे गए और वहां पोस्टर-पर्चे भी लगाए गए। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली।
पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
पुलिस ने मामले में हरिपर्वत थाने में संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक प्रदर्शन और विरोध करने का अधिकार है, लेकिन किसी के आवास पर जाकर तोड़फोड़ या सार्वजनिक व्यवस्था बिगाड़ने पर कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।
आगरा में "ज्ञानेश गद्दार" के घर पर कांग्रेस कार्यकार्यताओं ने पोती कालिख। मोदी, शाह ने ज्ञानेश के साथ मिलकर जिस तरह पिछले कई सालों में देश के अलग-अलग चुनावों में लूट की, वो सीधे तौर पर देश के साथ गद्दारी है। ज्ञानेश को सजा दिलाकर रहेंगे 🔥 https://t.co/HRXpqacEuJ
— Indian Youth Congress (@IYC) September 28, 2026
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SIR को लेकर कांग्रेस का विरोध
यह प्रदर्शन चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर कांग्रेस के विरोध के बीच हुआ। कांग्रेस देश के अलग-अलग हिस्सों में CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रही है। आगरा में भी प्रदर्शनकारियों ने चुनाव आयोग के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस चुनावी प्रक्रिया को लेकर कई आरोप लगा रही है, जबकि चुनाव आयोग ने अपने कामकाज और निर्णय प्रक्रिया पर उठे सवालों के जवाब में अपनी स्थिति स्पष्ट की है।
जांच के बाद आगे की कार्रवाई
आगरा पुलिस अब गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों से पूछताछ के साथ प्रदर्शन में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो और तस्वीरों के अलावा CCTV फुटेज की भी जांच कर रही है। प्रशासन ने साफ किया है कि विरोध प्रदर्शन कानून के दायरे में होना चाहिए और किसी के निजी आवास पर अव्यवस्था फैलाने की स्थिति में कार्रवाई की जाएगी।