Bulandshahr News: राष्ट्रीय राजमार्ग-34 पर मंगलवार को सचिन होटल के पास दो ऑटो की आमने-सामने हुई भीषण भिड़ंत में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद हाईवे पर लंबा जाम लग गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, घायलों को अस्पताल भिजवाया और यातायात सुचारु कराया।
दोनों ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि दोनों ऑटो बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को ऑटो से बाहर निकालकर एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा। पुलिस ने दोनों मृतकों के शव कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए हैं। मृतकों की शिनाख्त और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।
यातायात प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए
इस हादसे ने एक बार फिर एनएच-34 पर सड़क सुरक्षा व्यवस्था और यातायात प्रबंधन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि सचिन होटल के आसपास हाईवे पर लगातार वाहनों का दबाव रहता है। तेज रफ्तार वाहन, अनियमित कट और पर्याप्त सुरक्षा इंतजामों की कमी के कारण यहां पहले भी कई दुर्घटनाएं हो चुकी हैं, लेकिन स्थायी समाधान की दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए।
दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि दुर्घटना संभावित स्थानों पर चेतावनी संकेत, स्पीड कंट्रोल के उपाय और नियमित यातायात निगरानी की व्यवस्था मजबूत किए जाने की जरूरत है। उनका आरोप है कि हादसों के बाद कुछ समय तक सक्रियता दिखाई जाती है, लेकिन बाद में स्थिति फिर पहले जैसी हो जाती है। पुलिस का कहना है कि दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। वहीं, क्षेत्रीय लोगों ने प्रशासन से एनएच-34 के इस हिस्से को दुर्घटना संभावित क्षेत्र मानते हुए सड़क सुरक्षा के स्थायी इंतजाम करने की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
प्रतिदिन हो रहे हादसों में जा रही जान
बुलंदशहर। सिकंदराबाद हाईवे पर प्रतिदिन दुर्घटना हो रही है। जिसमे अधिकतर मौत होती है, वहीँ कई गंभीर रूप से घायल हो जाते है। इसके बावजूद भी पुलिस प्रशासन की ओर से कोई ठोस कदम नही उठाया गया है। स्थानीय लोगों ने कई बार वहां पुलिस पिकेट की मांग की है लेकिन आज तक प्रशानिक अमला आंख मूंदे पड़ा