देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर सुरक्षा बलों के दो बहादुर जवानों को उनके अदम्य साहस के लिए शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। 209 कोबरा CRPF के उप कमांडेंट अंजनी कुमार और कांस्टेबल/जीडी दीपक साह ने झारखंड में नक्सल विरोधी अभियान के दौरान बहादुरी दिखाते हुए ऑपरेशन को सफल बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
लुगुबुरु जंगल में दिखाया अदम्य साहस
दोनों जवानों ने 21 अप्रैल 2025 को झारखंड के बोकारो स्थित लुगुबुरु जंगल में चलाए गए नक्सल विरोधी अभियान में हिस्सा लिया था। अभियान के दौरान सुरक्षा बलों को भारी गोलीबारी का सामना करना पड़ा। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अंजनी कुमार और दीपक साह ने साहस के साथ मोर्चा संभाला और ऑपरेशन की सफलता में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
पहले भी मिल चुके हैं वीरता पदक
शौर्य चक्र से सम्मानित दोनों जवानों को इससे पहले भी दो बार राष्ट्रपति वीरता पदक से सम्मानित किया जा चुका है। लंबे समय से सुरक्षा अभियानों में योगदान देने वाले इन दोनों कर्मियों ने अलग-अलग महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाई हैं। उन्होंने 204 कोबरा और स्पेशल प्रोटेक्शन ग्रुप (SPG) में भी सेवाएं दी हैं।
नक्सल विरोधी अभियान में अहम भूमिका
लुगुबुरु जंगल में हुआ अभियान झारखंड में नक्सल विरोधी अभियानों की महत्वपूर्ण कार्रवाइयों में शामिल माना जाता है। कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और भारी गोलीबारी के बीच सुरक्षा बलों ने अभियान को अंजाम दिया। इस दौरान दोनों जवानों के साहस और नेतृत्व क्षमता को विशेष रूप से सराहा गया।
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स्वतंत्रता दिवस पर मिला सम्मान
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर देशभर में वीरता पुरस्कारों के जरिए सुरक्षा बलों के जवानों के साहस को सम्मानित किया गया। इसी क्रम में अंजनी कुमार और दीपक साह को शौर्य चक्र प्रदान किया गया। यह सम्मान उनके कर्तव्य के प्रति समर्पण और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में दिखाई गई बहादुरी को राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता देता है।
CRPF के लिए गौरव का पल
अंजनी कुमार और दीपक साह को शौर्य चक्र मिलना CRPF के लिए भी गौरव का विषय है। दोनों जवानों का पिछला सेवा रिकॉर्ड और विभिन्न महत्वपूर्ण अभियानों में उनकी भूमिका उनके अनुभव को दर्शाती है। स्वतंत्रता दिवस पर मिला यह सम्मान उनके साहस और सेवा के प्रति समर्पण की पहचान है।