मध्य प्रदेश के मौसम में एक बार फिर बदलाव देखने को मिल रहा है। प्रदेश के नजदीक से गुजर रहे दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के कारण कई जिलों में बादल छा गए हैं। 19 से 21 जनवरी के बीच प्रदेश के पूर्वी और मध्य हिस्सों में हल्की बारिश और बूंदाबांदी की संभावना जताई गई है। इससे तेज ठंड से थोड़ी राहत मिलेगी, लेकिन मौसम में नमी बढ़ेगी।
दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन का संयुक्त असर
प्रदेश के आसपास एक साथ दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन सक्रिय हैं, जिनका असर मध्य प्रदेश के मौसम पर साफ नजर आने लगा है। खासतौर पर पूर्वी जिलों में बादलों की आवाजाही बढ़ गई है। कई इलाकों में सुबह-शाम हल्की नमी महसूस की जा रही है, वहीं कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी के संकेत भी मिल रहे हैं। यह सिस्टम प्रदेश के वातावरण में नमी ला रहा है।
पश्चिमी विक्षोभ रहेगा 21 जनवरी तक प्रभावी
पश्चिमी विक्षोभ 19 जनवरी से 21 जनवरी तक उत्तर-पश्चिम भारत के साथ-साथ मध्य प्रदेश के मौसम को प्रभावित करेगा। इसी कारण भोपाल, नर्मदापुरम और आसपास के जिलों में दिनभर बादल छाए रहने की संभावना है। इस दौरान मावठ यानी हल्की बारिश होने के आसार हैं, जिससे खेतों और फसलों पर भी असर पड़ सकता है।
तीन दिन राहत, फिर लौट सकती है ठंड
मौसम में हो रहे इस बदलाव के कारण अगले तीन दिनों तक कड़ाके की ठंड से कुछ राहत मिलने की उम्मीद है। न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों का मानना है कि 22 जनवरी के बाद एक बार फिर ठंड का असर बढ़ सकता है और रात के तापमान में गिरावट देखने को मिल सकती है।
इन जिलों में दर्ज हुआ सबसे कम तापमान
प्रदेश में सबसे कम न्यूनतम तापमान उमरिया जिले में 3.7 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है। इसके अलावा खजुराहो में 5.8, नौगांव और उमरिया में 6, रीवा में 6.4, पचमढ़ी में 6.8, मंडला में 7.2 और मलाजखंड में 7.6 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया है। इन क्षेत्रों में अभी भी ठंड का असर बना हुआ है।
बड़े शहरों में 10 डिग्री के पार पहुंचा तापमान
प्रदेश के प्रमुख शहरों में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच गया है। भोपाल में 11, इंदौर में 12, ग्वालियर में 10, उज्जैन में 13 और जबलपुर में 10.5 डिग्री सेल्सियस तापमान रिकॉर्ड किया गया। चक्रवाती सिस्टम के चलते तापमान में यह बढ़ोतरी देखी जा रही है।