मुज़फ़्फ़रनगर पुलिस ने एक युवक की ऐसी करामात का पर्दाफाश किया है जिसके बारे में सुन कर आप भी चकरा जाएंगे. ये कहानी एक ऐसे युवक की है जो कभी राहुल बनता तो कभी रिकी और कभी नौशाद बन जाता. यहां तक कि औरत पर रौब गांठने के लिए ये फर्जी SOG कांस्टेबल भी बन गया. इसके बाद उसने जो कर डाला उसे सुन के कोई भी सिर पकड़ ले. उसने जिन लड़कियों और औरतों को धोखा दिया उनकी संख्या एक दो नहीं बल्कि दो दर्जन से भी ज्यादा है.
दो निकाह, 20 गर्लफ्रेंड, 10 के साथ सम्बन्ध
आरोपी ने अपनी पहचान बदल कर दो निकाह कर डाले. करीब 20 महिलाओं को अपने प्रेमजाल में फंसाया और 10 से अधिक महिलाओं के साथ शारीरिक संबंध भी बनाए.
कैसे मिली वर्दी?
नौशाद को पुलिस की वर्दी तब मिली जब उसका पुलिसकर्मी दोस्त चुनाव ड्यूटी पर गया और उसकी वर्दी बैग में रह गई. इस मौके को नौशाद ने भुनाया. वर्दी पहनकर एसओजी का कांस्टेबल बनने का ढोंग किया. अपने नाम की नेम-प्लेट बदलकर “राहुल” और “रिक्की” रखा और हिंदू महिलाओं को फंसाया. जबकि मुस्लिम महिलाओं से “नौशाद” के नाम से संपर्क किया.
विधवा और अकेली महिलाओं को बनाया निशाना
नौशाद सोशल मीडिया और ठगी के जरिए विधवा या अकेली महिलाओं को चुनता और विवाह का झांसा देकर, विश्वास जीतकर उनसे करीब ₹2.75 लाख नकद और ₹3 लाख गहने वसूलता.
कैसे धरा गया आरोपी
एक पीड़िता ने आवेदन दर्ज कराया, जिसके बाद 1 जुलाई को मु़जफ़्फ़रनगर पुलिस ने नौशाद को गिरफ्तार किया. उसके कब्जे से जब्त की गई वर्दी के साथ-साथ बेल्ट, बेल्टबकस, नेम-प्लेट, मोबाइल पर आपत्तिजनक फोटो-विडियो भी मिले.
कई धाराओं के अंतर्गत मामला दर्ज
आरोपी पर BNS (Bharatiya Nyaya Sanhita) की धारा 316, 319, 318 (धोखाधड़ी) समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया. उसे जेल भेजा गया है साथ ही आगे की पूरी हिस्ट्री मेघालय, असम, यूपी, दिल्ली के डेटाबेस के साथ संपर्क कर जांच की जा रही है.