एंटी-टेररिज्म स्क्वॉड (एटीएस) और बाड़मेर पुलिस के एक जॉइंट ऑपरेशन में गिरफ्तार किए गए दो स्मगलर सलमान खान और शंकर राम ने पूछताछ के दौरान एक बहुत ही सीक्रेट इंटरनेशनल ड्रग स्मगलिंग नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। मुख्य आरोपी सलमान खान ने बताया कि पिछले छह महीनों से वह पाकिस्तान के एक हैंडलर मसाद के संपर्क में था, जो वहां के निमला गांव का रहने वाला है।
पाकिस्तानी हैंडलर ने ड्रग तस्करी में शामिल किया
यह संपर्क रहीम खान के जरिए हुआ, जो सलमान के गांव का रहने वाला है और बताया जा रहा है कि वह उस पाकिस्तानी हैंडलर का रिश्तेदार है। सलमान की आर्थिक परेशानी का फायदा उठाकर उस पाकिस्तानी हैंडलर ने उसे ड्रग तस्करी में शामिल किया। उसे ज्यादा पैसे का लालच दिया गया और ‘डेड ड्रॉप’ यानी तय जगह पर सामान छोड़ने-उठाने का तरीका बताकर धंधे में शामिल किया गया।
पूरा नेटवर्क डिजिटली चलता था
राजस्थान के एडीजी (क्राइम) दिनेश एम.एन. ने बताया कि यह पूरा नेटवर्क डिजिटल और लोकेशन के जरिए चलता था। पाकिस्तानी हैंडलर व्हाट्सऐप कॉल के जरिए जीपीएस लोकेशन भेजता था और सलमान को खास जगहों पर जाने को कहता था। ये जगहें अक्सर बॉर्डर के पास सुनसान इलाकों में या अलग-थलग खेजड़ी के पेड़ों के नीचे होती थीं।
जमीन में दबे ड्रग्स के पैकेट निकालते थे
सलमान वहां जमीन में दबे ड्रग्स के पैकेट निकालता था। पैसे देने का तरीका भी ऐसा ही था या तो उसके पेमेंट्स बैंक अकाउंट में पैसे डाल दिए जाते थे या फिर जमीन में कहीं छिपा दिए जाते थे, जिसकी लोकेशन उसे बाद में भेजी जाती थी।
पैसों के रूप में अच्छा इनाम मिला
पूछताछ में सलमान ने बताया कि चार अप्रैल को उसने बॉर्डर से करीब 250 मीटर दूर एक जगह से पांच ड्रग्स के पैकेट निकाले थे, जो पीले प्लास्टिक बैग में जमीन के अंदर दबे हुए थे। उसने यह भी कबूल किया कि पहले भी वह एक पैकेट, जो महीनों पहले दबाया गया था, दूसरी जगह पहुंचा चुका है। इसके बदले उसे अलग जगह पर छुपाकर रखे गए पैसों के रूप में अच्छा इनाम मिला था।