मेरठ। महलका-लावड़ मार्ग पर एक दर्दनाक हादसा हुआ। अज्ञात वाहन की टक्कर से बाइक सवार दो किशोरों की मौत हो गई। दोनों की अकाल मौत से परिजनों में कोहराम मच गया। परिजनों ने कानूनी कार्रवाई से इन्कार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने लिखा पढ़ी के बाद दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए। पुलिस सीसीटीवी की मदद से अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी है।
सीओ मवाना पंकज लवानिया ने बताया, फलावदा थाना क्षेत्र के समसपुर गांव निवासी 14 वर्षीय अल्तमस और 15 वर्षीय मासूम शुक्रवार शाम को बाइक से लावड़ कस्बे गए थे। देर रात दोनों बाइक से वापस गांव लौट रहे थे। इसी दौरान महलका-लावड़ मार्ग पर अज्ञात वाहन की चपेट में आने से दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सड़क पर बाइक पड़ी देखकर राहगीरों ने घटना की जानकारी पुलिस को दी। राहगीरों की मदद से पुलिस दोनों के इलाज के लिए मोदीपुरम स्थित एक प्राइवेट अस्पताल में ले गई, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटना की जानकारी दोनों किशोरों के परिजनों को दी तो वह रोते-बिलखते अस्पताल पहुंचे। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी शुरू की तो परिजनों में कानूनी कार्रवाई से इन्कार कर दिया। सीओ मवाना ने बताया, इसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों किशोरों के शवों को परिजनों के सुपुर्द कर दिया। रात में दोनों के शव जब गांव पहुंचे तो पूरे गांव में मातमी सन्नाटा पसर गया। गमगीन माहौल में दोनों किशोरों के शवों को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया। सीओ ने बताया, पुलिस अपने स्तर पर सीसीटीवी फुटेज के माध्यम से अज्ञात वाहन की तलाश कर रही है।
इकलौता बेटा था अल्तमस
अल्तमस अपने परिवार का इकलौता बेटा था और उसकी तीन बहनें हैं, जबकि मासूम की एक बहन और भाई हैं। ग्रामीणों का कहना था कि दोनों हमेशा साथ-साथ रहते थे और शुक्रवार को भी दोनों बाइक से लावड़ कस्बे गए थे, लेकिन किसी को मालूम नहीं था कि दोनों परिवारों के साथ ऐसी अनहोनी होगी। दोनों की बहनों और मां का रो-रोकर बुरा हाल है।
हेलमेट पहना होता तो बच जाती जान पुलिस लगातार दो पहिया वाहन चालकों से हेलमेट लगाने की अपील कर रही है, लेकिन लोग पुलिस की अपील को लगातार नजरअंदाज करते जा रहे है। यही कारण की सड़क हादसों का ग्राफ बढ़ता जा रहा है। पुलिस का कहना था कि दोनों किशोरों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। अगर हेलमेट लगाया होता तो दोनों की जान बच सकती थी, क्योंकि दोनों के सिर में गंभीर चोट लगी थी।