मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच संयुक्त अरब अमीरात में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सरकार ने सोशल मीडिया पर युद्ध से जुड़ी भ्रामक और भड़काऊ सामग्री साझा करने के आरोप में कई लोगों के खिलाफ सख्त कदम उठाए हैं। गिरफ्तारी के आदेश दिए गए लोगों में 19 भारतीय भी शामिल हैं। आरोप है कि इन लोगों ने मिसाइल हमलों और ड्रोन हमलों से जुड़े फर्जी या भ्रामक वीडियो शेयर कर लोगों में डर और भ्रम फैलाने की कोशिश की।
सोशल मीडिया पोस्ट बने गिरफ्तारी की वजह
यूएई प्रशासन ने उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है जिन पर युद्ध से जुड़े वीडियो और पोस्ट सोशल मीडिया पर फैलाने का आरोप है। जांच में सामने आया कि कुछ लोगों ने ऐसे वीडियो साझा किए जिनमें वास्तविक घटनाओं को तोड़-मरोड़कर पेश किया गया। अधिकारियों का मानना है कि इससे आम लोगों में घबराहट फैल सकती थी और देश की सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती थी।
तीन अलग-अलग समूहों में बांटे गए आरोपी
जिन लोगों को गिरफ्तार किया गया है उन्हें उनके आरोपों के आधार पर तीन समूहों में विभाजित किया गया है। पहला समूह उन लोगों का है जिन्होंने वास्तविक वीडियो को एडिट कर उसमें अलग आवाज और कमेंट्री जोड़कर ऐसा माहौल बनाया जैसे कोई नया हमला हुआ हो। अधिकारियों का कहना है कि इस तरह के वीडियो से लोगों में भय का माहौल पैदा हो सकता है।
AI से तैयार किए गए फर्जी वीडियो
दूसरे समूह पर आरोप है कि उन्होंने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की मदद से पूरी तरह नकली वीडियो तैयार किए। इन वीडियो में धमाके और मिसाइल हमलों जैसे दृश्य दिखाए गए, जिन्हें असली बताने की कोशिश की गई। वीडियो पर तारीख और देश के प्रतीक चिन्ह लगाकर उन्हें वास्तविक घटना की तरह पेश किया गया, जिससे लोगों में भ्रम फैल सकता था।
विदेशी ताकतों के समर्थन के आरोप
तीसरे समूह के कुछ लोगों पर यह भी आरोप लगाया गया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर ऐसे संदेश और पोस्ट साझा किए जिनमें एक दूसरे देश के सैन्य हमलों की प्रशंसा की गई। अधिकारियों के अनुसार इस तरह की गतिविधियों को राष्ट्रीय सुरक्षा और स्थिरता के खिलाफ माना जाता है।
युद्ध के बीच सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच यूएई प्रशासन सोशल मीडिया गतिविधियों पर कड़ी नजर रख रहा है। अधिकारियों ने लोगों को चेतावनी दी है कि बिना पुष्टि के वीडियो या संदेश साझा करने से बचें। साथ ही यह भी कहा गया है कि गलत या भ्रामक जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।