Captain Smit Machar Bravery Award : भारतीय पायलट कैप्टन स्मित माछर की बहादुरी को संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने खास सम्मान दिया है। एक समारोह में UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कैप्टन माछर और फ्लाईदुबई के उनके साथी कर्मचारियों को सम्मानित किया। इस दौरान कैप्टन माछर के सिर पर टांके लगे थे और बाएं हाथ में स्लिंग बंधा हुआ था। उनके जख्म उस खतरनाक घटना की याद दिला रहे थे, जिसका सामना उन्होंने विमान के कॉकपिट में किया था। राष्ट्रपति ने उन्हें ‘फर्स्ट क्लास ऑर्डर ऑफ जायद II’ से सम्मानित किया। लेकिन समारोह में सम्मान के साथ-साथ दोनों के बीच हुई एक बातचीत भी चर्चा में आ गई। राष्ट्रपति की एक बात सुनकर कैप्टन माछर और वहां मौजूद लोग हंस पड़े।
राष्ट्रपति ने पूछा- कब तक ठीक हो जाएंगे?
समारोह के दौरान कैप्टन स्मित माछर ने UAE के राष्ट्रपति को गले लगाते हुए कहा कि यह उनके लिए सम्मान की बात है। इसके बाद राष्ट्रपति की नजर उनके सिर पर लगे टांकों और हाथ में बंधी पट्टी पर गई। उन्होंने कैप्टन से उनकी चोट के बारे में पूछा और जानना चाहा कि उन्हें ठीक होने में कितना समय लगेगा। इस पर कैप्टन माछर ने जवाब दिया कि उन्हें पूरी तरह ठीक होने में शायद दो महीने लग सकते हैं। बातचीत का यह पल समारोह के सबसे खास हिस्सों में शामिल रहा। राष्ट्रपति ने उनकी चोट को लेकर चिंता जताई और फिर मजाकिया अंदाज में उनसे एक ऐसी बात कही, जिसने माहौल को खुशनुमा बना दिया।
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‘मैं आपको सिखाऊंगा लड़ते कैसे हैं’
कैप्टन माछर के ठीक होने की बात सुनकर UAE के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने कहा कि जब वह पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे, तब वह उनसे मिलना चाहते हैं। इसके बाद राष्ट्रपति ने मुस्कुराते हुए कहा, “मैं आपको सिखाऊंगा कि लड़ते कैसे हैं।” उनकी यह बात सुनकर कैप्टन माछर भी जोर से हंस पड़े। उन्होंने अपने दिल पर हाथ रखते हुए इसे अपने लिए सबसे बड़ा सम्मान बताया। दोनों के बीच हुई इस बातचीत का वीडियो इंटरनेट पर लोगों का ध्यान खींच रहा है। सम्मान समारोह में मौजूद लोगों के लिए भी यह एक यादगार पल बन गया। गंभीर चोट के बाद भी कैप्टन का सहज अंदाज इस मुलाकात को और खास बनाता है।
‘UAE आपका अपना देश है’
समारोह के दौरान राष्ट्रपति ने फ्लाईदुबई के कर्मचारियों और यात्रियों को परिवार की तरह संबोधित किया। उन्होंने कैप्टन माछर को भरोसा दिलाते हुए कहा कि UAE उनका अपना देश है। उन्होंने यह भी कहा कि यहां उनके लिए घर और परिवार मौजूद है। राष्ट्रपति के इस संदेश को कैप्टन और उनके साथियों के प्रति सम्मान और समर्थन के रूप में देखा जा रहा है। इस आयोजन का मकसद उन लोगों को सम्मान देना था, जिन्होंने फ्लाईदुबई की उड़ान FZ 1073 से जुड़ी खतरनाक घटना के दौरान साहस दिखाया। कैप्टन माछर की चोटों के बावजूद समारोह में उनकी मौजूदगी ने इस सम्मान के महत्व को और बढ़ा दिया।
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कॉकपिट में कुल्हाड़ी से हुआ था हमला
कैप्टन स्मित माछर के साथ यह घटना फ्लाईदुबई की उस उड़ान में हुई थी, जो तेल अवीव जा रही थी। रिपोर्ट के मुताबिक, उनके ही सह-पायलट हमम अल हम्मामी ने कॉकपिट में रखी क्रैश कुल्हाड़ी से उन पर हमला कर दिया था। इस हमले में कैप्टन माछर के सिर की हड्डी में गंभीर चोट आई थी और उन्हें कंपाउंड डिप्रेस्ड स्कल फ्रैक्चर हुआ था। इसी वजह से उनके सिर पर टांके लगाने पड़े और हाथ पर भी चोट के कारण पट्टी बांधनी पड़ी। इस घटना ने विमान के भीतर मौजूद कर्मचारियों के सामने गंभीर चुनौती खड़ी कर दी थी। इसके बावजूद कैप्टन माछर के साहस और उनके साथियों के प्रयासों को सम्मानित किया गया।
बहादुरी के सम्मान ने जीता लोगों का दिल
कैप्टन माछर और उनके साथी कर्मचारियों को मिला सम्मान इस बात को सामने लाता है कि खतरनाक हालात में साहस और जिम्मेदारी कितनी अहम होती है। UAE के राष्ट्रपति के साथ कैप्टन की बातचीत ने इस पूरे समारोह को एक मानवीय रंग भी दिया। एक तरफ कैप्टन की गंभीर चोटें थीं, तो दूसरी तरफ राष्ट्रपति का मजाकिया अंदाज और उन्हें अपने परिवार का हिस्सा बताने वाला संदेश था। खास तौर पर “मैं आपको सिखाऊंगा लड़ते कैसे हैं” वाली बात लोगों के बीच चर्चा का विषय बनी। कैप्टन माछर को सम्मानित किए जाने और उनके साथियों की भूमिका को सराहे जाने से इस घटना के दौरान दिखाए गए साहस पर सबका ध्यान गया।