UDAN Scheme Airports Helipads : देश के छोटे शहरों, दूरदराज इलाकों और पहाड़ी क्षेत्रों को बेहतर हवाई सुविधा देने के लिए केंद्र सरकार ने उड़ान योजना के अगले चरण की शुरुआत कर दी है। इस योजना के तहत 21 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने नागरिक उड्डयन मंत्रालय के साथ समझौता किया है। सरकार का लक्ष्य उन क्षेत्रों तक हवाई सेवाएं पहुंचाना है, जहां अब तक कनेक्टिविटी सीमित रही है।
10 साल का बड़ा रोडमैप
सरकार ने इस चरण को वित्त वर्ष 2026-27 से 2035-36 तक लागू करने की मंजूरी दी है। इस पूरे कार्यक्रम पर 28,840 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। योजना के तहत देशभर में 100 नए एयरोड्रम विकसित किए जाएंगे, जबकि दूरस्थ और कठिन इलाकों में 200 आधुनिक हेलीपैड बनाए जाने का लक्ष्य रखा गया है।
किन राज्यों को मिलेगा फायदा?
इस योजना से बिहार, राजस्थान, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, असम, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, हिमाचल प्रदेश, तेलंगाना, ओडिशा और कई पूर्वोत्तर राज्यों को लाभ मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा लक्षद्वीप, पुडुचेरी और दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव भी इस पहल का हिस्सा बने हैं। सरकार का मानना है कि इससे क्षेत्रीय विकास को नई गति मिलेगी।
ये भी पढ़ें : कच्चे तेल में बड़ी गिरावट, 90 डॉलर से नीचे फिसला भाव, क्या सस्ता होगा Petrol-Diesel?
120 नए गंतव्यों को जोड़ने की तैयारी
उड़ान योजना के अगले चरण का लक्ष्य अगले 10 वर्षों में 120 नए गंतव्यों को हवाई नेटवर्क से जोड़ना है। सरकार का अनुमान है कि इससे करीब 4 करोड़ अतिरिक्त यात्रियों को हवाई यात्रा की सुविधा मिलेगी। इससे पर्यटन, कारोबार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बड़ा फायदा हो सकता है।
एयरपोर्ट निर्माण में आएगी तेजी
सरकार ने परियोजनाओं को तेजी से पूरा करने के लिए नया चैलेंज मोड शुरू किया है। इसके तहत राज्य सरकारें हवाई पट्टियों और हेलीपैड के विकास के लिए प्रस्ताव भेज सकेंगी। सबसे बड़ा लक्ष्य निर्माण अवधि को 2-3 साल से घटाकर करीब 18 महीने करना है। इसके लिए एक विशेष डिजिटल पोर्टल भी शुरू किया गया है, जिससे निगरानी और मंजूरी की प्रक्रिया तेज होगी।
छोटी एयरलाइंस पर खास फोकस
योजना में क्षेत्रीय एयरलाइंस को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया है। सरकार ने क्षेत्रीय उड़ानों के लिए मिलने वाली आर्थिक सहायता की अवधि तीन साल से बढ़ाकर पांच साल कर दी है। नागर विमानन मंत्री राममोहन नायडू ने कहा कि उड़ान योजना ने देश में हवाई संपर्क का दायरा बढ़ाया है और अब इसका अगला चरण छोटे शहरों को बड़े अवसरों से जोड़ने का काम करेगा। आने वाले वर्षों में यह योजना देश की हवाई तस्वीर बदलने में अहम भूमिका निभा सकती है।