महाराष्ट्र में भाषा विवाद ने एक बार फिर से तूल पकड़ लिया है. दरअसल बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने मराठी और हिंदी के बीच खतरनाक टिप्पणी कर दी. जिसमें “पटक-पटक के मारेंगे” जैसे शब्दों के इस्तेमाल ने विवाद बढ़ा दिया. वहीं शिवसेना (यूबीटी) के नेता उद्धव ठाकरे ने इस टिप्पणी को लेकर बेहद कड़ा जवाब दिया. उन्होंने दुबे को न सिर्फ “लकड़बग्घा” कहा, बल्कि उन पर “फूट डालो और राज करो” की राजनीति कर सूबा में सौहार्द बिगाड़ने का आरोप भी लगाया.उद्धव ठाकरे ने स्पष्ट किया कि उनका किसी भाषा से विरोध नहीं है, लेकिन जब भाषा को ज़बरदस्ती थोपने की कोशिश हो, तो वो उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे.
कहां से शुरू हुआ पूरा विवाद?
बीजेपी के झारखंड के सांसद निशिकांत दुबे ने मराठी-हिंदी विवाद को लेकर भड़काऊ भाषा में ट्विटर (X) पर लिखा, “पटक‑पटक के मारेंगे”, मतलब “तुमको पीटेंगे”. उन्होंने ये चुनौती भी दी कि अगर मराठावादी हिंसा कर सकते हैं, तो किसी और भाषा के लोग उन्हें महाराष्ट्र में पीटें. यह बयान विवाद को और भड़काने वाला रहा.
उद्धव ठाकरे का कड़ा पलटवार
शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने इस टिप्पणी को सुना और इसे बेहद खतरनाक बताया. उन्होंने दुबे को “लकड़बग्घा” तक कह डाला और आरोप लगाया कि वो राज्य में सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं. उद्धव ने स्पष्ट कहा, “हम किसी भाषा के खिलाफ नहीं हैं, लेकिन जब भाषा को ज़बरदस्ती थोपने की कोशिश होती है, हम उसे बर्दाश्त नहीं करेंगे”.
भाजपा पर लगाया बड़ा आरोप
उद्धव ने बीजेपी पर यह आरोप लगाया कि वह “फूट डालो और राज करो” की राजनीति कर रही है. उनका कहना है कि महाराष्ट्र में मराठी भाषा और संस्कृति को कमजोर करने का प्रयास किया जा रहा है, खासकर जब उनकी रैली को अच्छी प्रतिक्रिया मिली थी.
हाल में महाराष्ट्र में हुई छोटी घटनाओं की तुलना पहलगाम हमले से करने को लेकर उद्धव ने राज्य मंत्री आशीष शेलार के बयान की भी निंदा की और इसे मराठी भाषा के खिलाफ बताया.
वहीं इस पूरे मामले पर शिवसेना विधायक और मंत्री योगेश कदम ने चेतावनी दी है कि ऐसी भड़काऊ टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी. उन्होंने कहा, “अगर दुबे ने ऐसी बात दोबारा कही, तो जनता कड़ा जवाब देगी”.