UGC NET 2026: नीट (NEET-UG) पेपर लीक विवाद के बाद अब राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) द्वारा आयोजित 'यूजीसी नेट 2026' परीक्षा भी विवादों में घिर गई है। सोशल मीडिया पर उम्मीदवारों ने अंग्रेजी और समाजशास्त्र के प्रश्नपत्रों को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। अग्रेंजी प्रश्नपत्र में पूछे गए 150 सवालों में से 67 प्रश्नों के दो साल पहले के प्रश्नपत्र के जैसे होने का दावा किया है। वहीं समाजशास्त्र के प्रश्नपत्र तैयार करने में एआई के इस्तेमाल और पाठ्यक्रम से बाहर के सवाल पूछने का आरोप लग रहे हैं।
AI का इस्तेमाल और भारी गलतियां
आपको बता दें कि 30 जून को हुई समाजशास्त्र की परीक्षा को लेकर सोशल मीडिया एक्स पर पीएचडी स्कॉलर अंतरा चक्रवर्ती और अन्य उम्मीदवारों ने दावा किया है कि यह पेपर कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) से तैयार किया गया है। एआई से तैयार पेपर में सवाल ऐसे रैंडम थिंकर्स और किताबों से पूछे गए, जिनका पाठ्यक्रम से दूर-दूर तक कोई लेनादेना नहीं है। वहीं एक्स पर एक उम्मीदवार ने आरोप लगाया है कि 50 फीसदी सवालों की वर्तनी में भयानक गलतियां हैं।
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वर्तनी में काफी गलतियां
उम्मीदवारों का कहना है कि लगभग 50% सवालों में स्पेलिंग गलत थी। उन्होंने लिखा है कि Ritzer को Putzer, social को oval, Parsons को Parsow, Ghurye को Ghunye, A R Desai को A K Desai, Nussbaum को Nusbaut लिखने के अलावा भी बहुत गलतियां है। प्रश्नपत्र का हिंदी अनुवाद इतना खराब था कि ऐसा लग रहा था जैसे किसी छोटे बच्चे ने अनुवाद किया हो। इन गलतियों के कारण छात्रों को सवाल समझने में काफी परेशानी हुई। जब छात्र सवाल ही नहीं समझ पाएंगे तो उसका जवाब कैसे देंगे।
अंग्रेजी पेपर में दो साल पहले के सवाल दोहराए गए
वहीं, अंग्रेजी के प्रश्नपत्र को लेकर सोशल मीडिया पर दावा किया जा रहा है कि इस साल पूछे गए 150 सवालों में से 67 सवाल हूबहू दो साल पहले (2024) के प्रश्नपत्र जैसे हैं। उम्मीदवारों के मुताबिक, यूजीसी नेट परीक्षा में दो पेपर होते हैं। पेपर एक में तर्क क्षमता और सामान्य ज्ञान पर आधारित 50 प्रश्न होते हैं। जो सभी उम्मीदवारों के लिए समान होते हैं। जबकि पेपर-दो में विषय से संबंधित 100 प्रश्न होते हैं।