SIMHASTHA 2028: सिंहस्थ-2028 से पहले उज्जैन की हवाई कनेक्टिविटी को बड़ी मजबूती मिलने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में दताना-मताना की मौजूदा हवाई पट्टी को एयरपोर्ट के रूप में विकसित किया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य सिंहस्थ शुरू होने से पहले परियोजना को पूरा करना है। एयरपोर्ट बनने के बाद देश-विदेश से उज्जैन आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए हवाई यात्रा का एक और विकल्प उपलब्ध होगा।
दताना-मताना में तेजी से बढ़ रहा काम
दताना-मताना एयरपोर्ट का विकास केंद्र सरकार की RCS-UDAN 5.2 योजना के तहत किया जा रहा है। इसके लिए भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) और मध्यप्रदेश सरकार के बीच MoU हो चुका है। परियोजना के लिए करीब 120 एकड़ सरकारी जमीन AAI को हस्तांतरित की जा चुकी है।
1800 मीटर रनवे, आगे 2700 मीटर तक विस्तार
शुरुआती चरण में यहां 1800 मीटर लंबे रनवे के साथ एयरपोर्ट विकसित किया जा रहा है। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए रनवे को 2700 मीटर तक बढ़ाने का प्रावधान रखा गया है। इससे आने वाले समय में उज्जैन से हवाई सेवाओं का दायरा बढ़ने की संभावना है।
सिंहस्थ में यात्रियों को मिलेगा बड़ा फायदा
सिंहस्थ-2028 के दौरान लाखों श्रद्धालुओं और पर्यटकों के उज्जैन पहुंचने की संभावना है। ऐसे में एयरपोर्ट शुरू होने से रेल और सड़क के साथ हवाई यात्रा का विकल्प भी मिलेगा। इससे परिवहन व्यवस्था पर दबाव कम करने में मदद मिल सकती है।
पर्यटन और कारोबार को भी मिलेगी रफ्तार
महाकाल की नगरी उज्जैन में बेहतर हवाई संपर्क से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। होटल, परिवहन, खान-पान और स्थानीय कारोबार जैसे क्षेत्रों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। दताना-मताना एयरपोर्ट के पूरा होने के बाद मध्यप्रदेश में एयरपोर्ट की संख्या 10 हो जाएगी।